डिजीटल डेस्क : गृहमंत्री अमित शाह को धमकी देने वाला पंजाब का शातिर भले ही इस समय असम के जेल में बंद है लेकिन पंजाब से लोकसभा चुनाव लड़ेगा। उसकी ओर से इसका खुलासा किया गया है। एनएसए के आरोपों में डिब्रूगढ़ जेल में बंद आरोपी अमृतपाल सिंह खडूर साहिब से एक निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेगा। उसके वकील पूर्व सांसद राजदेव सिंह खालसा ने यह जानकारी दी।
गृह मंत्री को धमकाने वाले अमृतपाल सिंह उस समय अचानक सुर्खियों में आया था जब उसने अमृतसर के अजनाला थाने पर हमला किया था। फिर उसने देश के गृहमंत्री अमित शाह को भी धमकी दी थी। इसके बाद पंजाब पुलिस का शिकंजा कसने पर उसने आत्मसमर्पण कर दिया था। उसका का जन्म अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गांव में 1993 में हुआ था। महज 12वीं पास अमृतपाल अचानक से दुबई चला गया। वहां पर वह ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुड़ा था एवं बाद में पंजाबी एक्टर और ऐक्टिविस्ट दीप सिद्धू से जुड़ा जिसने 30 सितंबर 2021 में वारिस पंजाब दे संगठन की स्थापना की थी। दीप सिद्धू ने इसका मकसद युवाओं को सिख पंथ के रास्ते पर लाना और पंजाब को जगाना बताया था। किसान आंदोलन और उसके बाद 26 जनवरी 2021 को लाल किला हिंसा मामले में दीप सिद्धू का नाम आया था और 15 फरवरी 2022 को दिल्ली से पंजाब लौटते वक्त सोनीपत के पास एक सड़क हादसे में दीप सिद्धू की मौत हो गई थी। उसके बाद मार्च में दावा किया गया था कि अमृतपाल अब वारिस पंजाब दे संगठन का नया कर्ताधर्ता है।
गृहमंत्री अमित शाह को धमकी देने वाला पंजाब से लड़ेगा लोकसभा चुनाव :
फिर 29 सितंबर 2022 को अमृतपाल की मोगा के रोडे गांव में दस्तारबंदी हुई थी। उसके बाद अमृतपाल सीधे सरकार और सिस्टम को चैलेंज करने लगा था। फरवरी 2023 में अमृतपाल और उसके साथियों ने पंजाब के अजनाला में हथियारों से लैस होकर थाने पर हमला कर दिया था। उसके समर्थकों ने अपहरण और दंगों के आरोपियों में से एक तूफान की रिहाई को लेकर पुलिस स्टेशन पर यह धावा बोला था जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। अमृतपाल के खिलाफ उसके ही एक पूर्व सहयोगी ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि इन सभी ने कथित तौर पर बरिंदर सिंह नाम के व्यक्ति को अजनाला से अगवा कर लिया और फिर मारपीट की। एनआईए ने उसे अपने केस में उठाया और कोर्ट के आदेश से वह इस समय असम के डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है।



















