Patna: बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में तीन दिवसीय टेराकोटा कला कार्यशाला का शुभारंभ

Patna: बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय टेराकोटा कला कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 15, 16 और 17 मई 2025 को बोर्ड कार्यालय के बापू कक्ष (पंचम तल, महेश भवन) में प्रत्येक दिन अपराह्न 1:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में प्रशिक्षण राज्य पुरस्कार प्राप्त, अनुभवी एवं प्रतिष्ठित टेराकोटा कलाकार भोला पंडित एवं उनके साथियों द्वारा दिया जा रहा है। इस अवसर पर बोर्ड द्वारा उनका स्वागत किया गया और टेराकोटा कला के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी शिल्प के प्रति युवाओं और आमजन में रुचि जगाना तथा उन्हें स्वरोजगार के नवीन अवसरों से जोड़ना है। इसमें 10 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें भोला पंडित जैसे दक्ष शिल्पियों से प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर भोला पंडित ने कहा कि बोर्ड द्वारा ऐसे आयोजनों से बच्चों और आमजनों में पारंपरिक कलाओं के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे इन्हें उद्योग में परिवर्तित करने की दिशा में प्रेरित होंगे। टेराकोटा एक प्राचीन और बहुपयोगी कला है, जिससे सुराही, मटका, कुल्हड़, सजावटी वस्तुएँ, तथा अन्य उपयोगी उत्पाद बनाए जाते हैं, जिनकी मांग आज भी बनी हुई है। Patna Patna Patna

1 186 scaled 22Scope News

यह भी पढ़ें – खेल जगत में Bihar बना रहा अपनी पहचान, JDU ने कहा ‘तेजस्वी को लौटा देना चाहिए…’

उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार की ग्रामोद्योग योजना और पीएम विश्वकर्मा योजनाओं के माध्यम से इस कला से जुड़े कारीगरों को वर्किंग कैपिटल, टूल-किट, प्रशिक्षण सहायता जैसी सुविधाएँ मिलती हैं। विश्वकर्मा योजना के तहत 5% की रियायती ब्याज पर 3 लाख रूपये तक का ऋण दो किस्तों में एवं 15,000 रूपये मूल्य की टूल-किट निःशुल्क प्रदान की जाती है। टेराकोटा उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, जो अत्यंत कम बिजली और पानी की खपत में तैयार किए जा सकते हैं। यही कारण है कि देश-विदेश में इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। Patna Patna Patna

कार्यशाला की प्रमुख विशेषताएँ

  • राज्य पुरस्कार प्राप्त शिल्पकारों द्वारा प्रशिक्षण
  • पारंपरिक टेराकोटा तकनीकों की जानकारी
  • मिट्टी से सुंदर कलाकृतियाँ बनाने का अभ्यास
  • स्वरोजगार की दिशा में प्रोत्साहन
  • योजनाओं के लाभों की जानकारी

बोर्ड का यह प्रयास न केवल पारंपरिक हस्तकलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक सशक्त पहल है, बल्कि यह युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का प्रेरक माध्यम भी है। कार्यशाला का उद्घाटन समारोह कला प्रेमियों, मीडिया प्रतिनिधियों और विभाग के अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

https://www.youtube.com/@22scopestate/videos

यह भी पढ़ें-   CM की Zero Tolerance का असर, नप गए ग्रामीण कार्य विभाग के दो अभियंता…

पटना से महीप राज की रिपोर्ट

Paddy Procurement Bihar: धान खरीद से पहले बिहार सरकार का बड़ा...

Paddy Procurement Bihar: सहकारिता मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने 5 अक्टूबर 2026 को दरभंगा एवं सारण प्रमंडलों की विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।...

Bihar District Hospital Services: बिहार के जिला अस्पतालों में बदलेगी व्यवस्था,...

Bihar District Hospital Services: बिहार के जिला अस्पतालों में मरीजों को सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने...

Bihar National Highway Projects: बिहार की NH परियोजनाओं की हाईलेवल समीक्षा,...

Bihar National Highway Projects: बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR की प्रगति को लेकर पथ निर्माण विभाग ने उच्चस्तरीय...