पटना : राज्यभर के ट्रैफिक पदाधिकारी/कर्मी को यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने के लिए परिवहन विभाग विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। अबतक कुल 4909 ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस प्रशिक्षण से गुजर चुके हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी जिलों को मिलाकर 80 पुलिसकर्मियों का एक बैच तैयार किया जाता है।
अब प्रशिक्षण की अवधि को बढ़ाकर 14 दिन कर दिया गया है ताकि इन्हें विस्तृत जानकारी दी जा सके
इस दौरान उन्हें हिट एंड रन मामलों की जांच, यातायात नियमों का सख्ती से पालन, गुड सेमेरिटन लॉ, दुर्घटना स्थल पर प्राथमिक उपचार, ट्रैफिक मैनेजमेंट और रोड सेफ्टी प्रोटोकॉल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाता है। अंतिम दिन कर्मियों की परीक्षा होती है और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाता है। वर्ष 2019 में पुलिस मुख्यालय से अनुमति प्राप्त होने के बाद यातायात पुलिसकर्मियों को 6 दिनों का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण औरंगाबाद स्थित आईडीटीआर (इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च) में दिया जाता था। अब प्रशिक्षण की अवधि को बढ़ाकर 14 दिन कर दिया गया है ताकि इन्हें विस्तृत जानकारी दी जा सके।
ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़कों पर कानून के सबसे महत्वपूर्ण अमलदार हैं – परिवहन सचिव राज कुमार
परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़कों पर कानून के सबसे महत्वपूर्ण अमलदार हैं। उन्हें नियमित रूप से अपडेटेड प्रशिक्षण देकर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में काम हो रहा है। गुड सेमेरिटन योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में पुलिसकर्मी मदद के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बिहार में सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न कर लोगों के अनमोल जीवन को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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