झारखंड में अवैध बालू खनन रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। बालू घाटों पर CCTV कैमरे लगेंगे और महीने में छापेमारी की समीक्षा होगी।
Google पर 22Scope चुनेंझारखंड में अवैध बालू खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए खान विभाग ने डीसी और एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं। बालू घाटों पर CCTV और चेकनाका बनाए जाएंगे।
Jharkhand Illegal Mining: रांची:Jharkhand में बालू समेत सभी लघु खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए खान विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर Illegal Mining के खिलाफ अभियान तेज करने का निर्देश दिया है। खासकर बालू घाटों पर अवैध उत्खनन रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और चेकनाका बनाने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन में शामिल व्यक्ति या संस्था की पहचान होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
Jharkhand Illegal Mining: बालू घाटों पर लगेंगे CCTV कैमरे, बनेगा चेकनाका
खान निदेशक ने जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिया है कि बालू घाटों पर अवैध उत्खनन और परिवहन की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर चेकनाका स्थापित किए जाएं, ताकि अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
अवैध खनन, परिवहन और भंडारण में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलों में जोन और क्षेत्रवार छापेमारी तथा गश्ती दल गठित करने को कहा गया है। इन दलों की कार्रवाई की समीक्षा प्रत्येक महीने जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में होगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध खनन में किसी व्यक्ति या संस्था की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
Illegal Mining:डीसी की अध्यक्षता में हर महीने होगी टास्क फोर्स की बैठक
Illegal Mining पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक प्रत्येक महीने आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इसमें सभी संबंधित विभागों और इकाइयों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।
खान विभाग ने कहा है कि मुख्यालय को विभिन्न स्रोतों से मिलने वाली अवैध खनन की शिकायतों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाए और उनका समय पर निबटारा किया जाए।
विभाग ने यह भी बताया है कि अवैध खनन रोकने के लिए पहले भी कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके लिए 11 जून 2019, 21 जून 2022, 6 जून 2024, 8 अगस्त 2024, 30 जनवरी 2025 और 6 मार्च 2026 को पत्र जारी किए गए थे।
Mining:अखबारों में प्रकाशित खबरों पर भी होगी कार्रवाई, बालू घाट संचालक भी जिम्मेदार
खान विभाग ने अवैध खनन की निगरानी का दायरा बढ़ाते हुए दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को भी कार्रवाई का आधार बनाने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी की ओर से बालू उत्खनन पर प्रभावी रोक की अवधि में अवैध खनन से जुड़ी खबरों पर नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। इस कार्रवाई की मासिक रिपोर्ट खान विभाग को भी भेजनी होगी।
विभाग ने बालू घाटों के सफल नीलामीकर्ताओं की जवाबदेही भी तय करने को कहा है। इसके तहत घाट संचालकों को अपने क्षेत्र में अवैध खनन या परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय जिला प्रशासन को सूचित करना होगा। संबंधित कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा ने जिलों को पर्यावरण और सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के लिए गंभीरता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
झारखंड सरकार अवैध बालू खनन रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?
खान विभाग ने बालू घाटों पर CCTV कैमरे लगाने, चेकनाके स्थापित करने और नियमित छापेमारी के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स की बैठक हर महीने होगी।
खान घाटों के संचालकों की क्या जिम्मेदारी होगी?
घाट संचालकों को अपने क्षेत्र में अवैध खनन या परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय जिला प्रशासन को सूचित करना होगा और संबंधित कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
अवैध खनन से जुड़ी शिकायतें कैसे दर्ज की जाएंगी?
खान विभाग ने विभिन्न स्रोतों से मिलने वाली अवैध खनन की शिकायतों की प्राथमिकता सूची तैयार करने और समय पर निबटारे का निर्देश दिया है। अखबारों में प्रकाशित खबरें भी कार्रवाई का आधार बनेंगी।
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