PATNA: जातीय जनगणना पर सुप्रीम झटका के बाद बिहार सरकार बैकफूट पर आ गई है।अब सबकी नजरें पटना हाईकोर्ट पर टिकी हैं। पटना हाई कोर्ट के अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद 3 जुलाई को सुनवाई होगी। ऐसे में बिहार में जातीय जनगणना को लेकर सियासत तेज हो गई है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ऊपर में कोई टिप्पणी नहीं करता, जातीय गणना से मुझे कोई परहेज नहीं है। सीएम नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सरकार लगभग 32 से 34 साल रही है और इन लोगों को वाइट पेपर जारी करना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश -लालू को यह बताना चाहिए कि ब्लॉक स्तर पर कितने दलित महादलित को कितनी नौकरी दी गई। कितने लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरी। यह सरकार को बताना चाहिए।
सरकार चलाते हुए इतने साल होने के बाद भी सरकार गरीबों के लिए क्या कर रही है कि केवल उन्माद फैलाने की कोशिश कर रही है। हमारे सनातन धर्म में एकादशी करें तब भी हिंदू ना करें तब भी हिंदू हमारे सनातन धर्म में सबका सम्मान किया जाता है।
पटना से राजीव कमल की रिपोर्ट
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