सुजनी कला के क्षेत्र में निर्मला देवी पद्मश्री सम्मान के लिए हुई चयनित, चेहरे पर दिखी खुशी

मुजफ्फरपुर : हर वर्ष देश में 26 जनवरी पर कई हस्तियों को देश के सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। मुजफ्फरपुर जिला के गायघाट प्रखंड के भुसरा गांव के पारंपरिक सुजनी कढ़ाई के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान के लिए निर्मला देवी को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। निर्मला देवी से न्यूज 22स्कोप की टीम ने खास बातचीत की।

पद्मश्री सम्मान के रूप में चयनित 76 वर्षीय निर्मला देवी ने पारंपरिक सुजनी कढ़ाई के लिए 1989 में गांव की महिलाओं के लिए एक समूह भुसरा महिला विकास समिति का गठन तीन सदस्यों के साथ सुजनी कढ़ाई को पुनर्जीवित करना शुरू किया गया था। आज 250-300 इसके सदस्य है। यह गैर-लाभकारी संस्था ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आजीविका का स्रोत प्रदान करने के लिए उनके साथ काम किया। 15 से अधिक गांवों की 1000 से अधिक महिलाओं को सुजनी कढ़ाई में प्रशिक्षित किया है। निर्मला देवी ने सुजनी कढ़ाई को पिछले चार दशकों में पुनर्जीवित किया। उन्होंने न केवल सुजनी कलाकृति को जीवित रखा, बल्कि इसे देशभर के शहरी बाजारों में भी लोकप्रिय बनाया है और विश्वस्तर पर सुजनी कला की वैश्विक राजदूत बन गई हैं। उनकी कलाकृति संग्रहालयों के साथ-साथ कई देशों में प्रदर्शित की जाती है।

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वहीं निर्मला देवी के भतीजे विजय सिंह ने कहा कि 39 साल से उनकी बुआ सुजनी कला से जुड़ी हैं। जिस रास्ते पर चलने में लोगों के तानों से लेकर समाज के व्यंग्य वाण भी झेलने पड़े। आज शायद इस सम्मान के रूप में मंजिल न सही मगर पड़ाव तो उन्हें मिल ही गया है। इस सम्मान को मिलने की खबर के बाद से पूरे भूसरा गांव में खुशी का माहौल है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं।

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संतोष कुमार की रिपोर्ट

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