झारखंड में शराब की दुकानें बंद नहीं होंगी, पांच प्लेसमेंट एजेंसियों को संचालन का जिम्मा

  • फर्जी बैंक गारंटी मामला: दो एजेंसियों पर होगी विधि सम्मत कार्रवाई

रांची: झारखंड में एक अप्रैल से शराब की खुदरा दुकानें बंद नहीं होंगी। राज्य सरकार ने अस्थायी व्यवस्था के तहत पांच प्लेसमेंट एजेंसियों को इन दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है। यह व्यवस्था आगामी दो माह तक या फिर राज्य में नई उत्पाद नीति लागू होने तक जारी रहेगी।

शनिवार को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अवकाश के बावजूद विभागीय अधिकारियों के साथ एक मैराथन बैठक की, जिसमें यह निर्णय लिया गया। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि विभाग और झारखंड बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के पास खुदरा दुकानों को संचालित करने के लिए आवश्यक मैनपावर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यदि कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तो कम से कम 15 दिनों तक दुकानों को बंद करना पड़ता, जिससे सरकार को राजस्व की बड़ी हानि होती।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि राज्य के राजस्व और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के सुझाव पर अवधि विस्तार का निर्णय लिया गया है। यह अस्थायी समाधान तब तक लागू रहेगा जब तक नई उत्पाद नीति को अंतिम रूप नहीं दिया जाता।

फर्जी बैंक गारंटी मामला: दो प्लेसमेंट एजेंसियों पर गिरी गाज

बैठक के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि विजन और मार्शल नामक दो प्लेसमेंट एजेंसियों ने करीब 10 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा की थी। इस गंभीर वित्तीय अनियमितता को देखते हुए इन दोनों एजेंसियों को अवधि विस्तार नहीं दिया गया है।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए विभागीय सचिव और उत्पाद आयुक्त को निर्देश दिया कि दोनों एजेंसियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। इसके तहत विधि विभाग से राय लेने के बाद संबंधित एजेंसियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

नई उत्पाद नीति लागू होने तक बनी रहेगी मौजूदा व्यवस्था

झारखंड सरकार जल्द ही नई उत्पाद नीति लाने की तैयारी में है, जिससे राज्य में शराब की खुदरा बिक्री को लेकर एक स्थायी व्यवस्था लागू की जा सके। जब तक नई नीति प्रभावी नहीं हो जाती, तब तक शराब की खुदरा दुकानों का संचालन पांच प्लेसमेंट एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।

यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शराब की बिक्री राज्य सरकार के लिए एक प्रमुख राजस्व स्रोत है। यदि खुदरा दुकानें बंद हो जातीं, तो सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता।

सरकार का कदम: राजस्व हानि रोकने और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने पर जोर

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सरकार शराब की खुदरा बिक्री को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस फैसले से राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान होने से बचाया जा सकेगा और शराब की खुदरा दुकानों का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।

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