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Birthday के दिन मर्चेंट नेवी के कैप्टन का पहुंचा पार्थिव शरीर, बेटी ने दी मुखाग्नि

पटना: मुंगेर के संग्रामपुर प्रखंड के मौजमपुर गांव में मंगलवार की सुबह पूरा गांव भावुक हो गया जब गांव के ही रहने वाले मर्चेंट नेवी में कार्यरत कैप्टन संजीव कुमार सिंह का पार्थिव शरीर उनके Birthday  के दिन गांव लाया गया। कैप्टन का पार्थिव शरीर गांव में आने के बाद परिजन समेत ग्रामीणों में शोक का लहर दौड़ गया। बताया जा रहा है कि कैप्टन का पार्थिव शरीर उनके Birthday के दिन ही उनके गांव पहुंचा। यह वाकया जिस किसी ने भी सुना उसकी ऑंखें भर आई।

बताया जा रहा है कि अमेरिका से बहामास की तरफ जा रहे एक मालवाहक जहाज पर ड्यूटी के दौरान कैप्टन संजीव कुमार सिंह का निधन बीते 17 अप्रैल को हार्ट अटैक की वजह से हो गया था। करीब एक महीने 5 दिन बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गांव में लाया गया। पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके गांव में स्थित प्रेसिडेंट कलाम मेमोरियल स्कूल में रखा गया जहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के इलाके के लोगों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी जुटे। Birthday Birthday Birthday Birthday Birthday Birthday Birthday Birthday 

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समाजसेवा की भावना से थे ओतप्रोत

मर्चेंट नेवी में एक सम्मानित पद और अच्छी सैलरी होने के बावजूद कैप्टन संजीव की समाजसेवा के प्रति गहरी निष्ठा थी। उन्होंने मौजमपुर में ‘प्रेसिडेंट कलाम मेमोरियल स्कूल’ की स्थापना की थी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। वे छुट्टियों के दौरान भी अधिकतर समय स्कूल के विकास कार्यों में बिताते थे।

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Birthday पर ही गांव लौटा पार्थिव शरीर

कैप्टन संजीव का जन्म 20 अप्रैल 1983 को हुआ था और 20 मई को ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। इस संयोग ने पूरे परिवार और गांव के लोगों को भावुक कर दिया। उनके बहनोई निर्मल सिंह कुशवाहा ने गमगीन स्वर में कहा कि पिछले साल इसी दिन हम सभी ने उनका जन्मदिन धूमधाम से मनाया था, और इस बार इसी दिन उनका पार्थिव शरीर पहुंचना परिवार के लिए असहनीय पीड़ा है।

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बेटी सोनाक्षी ने दी मुखाग्नि

सुल्तानगंज के गंगा घाट पर कैप्टन संजीव कुमार सिंह की बड़ी बेटी सोनाक्षी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। संजीव की दो बेटियां हैं, और उन्होंने हमेशा उन्हें बेटों के समान मान-सम्मान और अवसर दिया। बेटी द्वारा पिता को मुखाग्नि देने का यह निर्णय समाज में बेटियों की भूमिका को लेकर एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

एक ओजस्वी प्रतिभा की विदाई

कैप्टन संजीव कुमार सिंह बचपन से ही प्रतिभाशाली थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल तिलैया से हुई। पारिवारिक आर्थिक स्थिति सामान्य होते हुए भी उन्होंने कड़ी मेहनत से मर्चेंट नेवी में कैप्टन का पद प्राप्त किया। बीते 13 वर्षों से वे MNC कंपनी ‘वेनेसा’ में कार्यरत थे। शिक्षा और समाजसेवा में गहरी रुचि रखने वाले संजीव गरीबों की शादी, शिक्षा और अन्य कार्यों में उदारता से आर्थिक सहयोग करते थे।उनकी असमय मृत्यु से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा है। उनके भाई अमित चंद्रा उत्तम सिंह, नीतिश सिंह सहित पूरा परिवार शोकाकुल है।

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मुंगेर से गौतम झा की रिपोर्ट

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