रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच में तेजी लाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को ऑटोमोबाइल कारोबारी और नेक्सजेन के संचालक विनय कुमार सिंह से लंबी पूछताछ की। पूछताछ का मुख्य केंद्र निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे से उनके संबंध, आपसी सहयोग और काले धन के निवेश से जुड़ा रहा।
चौबे के काले धन को वैध बनाने का आरोप
एसीबी के अनुसार, विनय सिंह पर आरोप है कि उन्होंने चौबे के अवैध धन को शराब आपूर्ति तंत्र के माध्यम से निवेश कर वैध किया। इस पूरे घोटाले में सिंह की भूमिका को लेकर एजेंसी के पास कई ठोस साक्ष्य हैं, जिन्हें पूछताछ के दौरान उनके सामने रखा गया।
कुछ सवालों के जवाब दिए, कुछ में जताई अनभिज्ञता
सूत्रों के मुताबिक, विनय सिंह ने पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के जवाब दिए, लेकिन कई मामलों में उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया। एसीबी का मानना है कि सिंह चौबे के साथ कारोबारी और वित्तीय तौर पर जुड़े रहे हैं।
वारंट जारी था, अग्रिम जमानत के बाद हुई पूछताछ
बता दें कि विनय सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका था, लेकिन उन्होंने अग्रिम जमानत ले ली थी। इसके बाद एसीबी ने उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया।
10 आरोपी अब तक गिरफ्तार, चार्जशीट जल्द
इस घोटाले में अब तक पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे समेत कुल 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एसीबी जल्द ही इस पूरे मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
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