झारखंड हाईकोर्ट ने श्रम विभाग की अनुकंपा नियुक्ति मामले में रांची उपायुक्त को अवमानना नोटिस जारी किया। प्रधान सचिव और DC को अगली सुनवाई में हाजिर होने का निर्देश।
Jharkhand High Court News रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने श्रम विभाग में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामले में रांची के उपायुक्त की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या रांची का उपायुक्त प्रधान सचिव से भी ऊपर है, जिसने उनके आदेश को मानने से इनकार कर दिया।
खंडपीठ ने रांची के उपायुक्त सह जिला अनुकंपा नियुक्ति समिति के अध्यक्ष मंजूनाथ भजंत्री को हाईकोर्ट रूल्स 393 के तहत अवमानना का नोटिस जारी किया है। साथ ही अगली सुनवाई में उन्हें सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
Jharkhand High Court News: प्रधान सचिव को भी तलब, जवाब मांगा
कोर्ट ने श्रम विभाग के प्रधान सचिव को भी अगली सुनवाई में उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया है कि वर्ष 2019 में नियुक्ति का आदेश दिए जाने के बावजूद उपायुक्त ने उसका पालन क्यों नहीं किया। साथ ही यह भी पूछा गया है कि उपायुक्त के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई।
मामले की अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की गई है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रेम पुजारी राय ने पैरवी की। इससे पहले कोर्ट ने दाखिल शपथ पत्र को नामंजूर कर उपायुक्त को नया शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया था।
Key Highlights:
• अनुकंपा नियुक्ति मामले में रांची DC को अवमानना नोटिस जारी
• हाईकोर्ट ने उपायुक्त की भूमिका पर जताई कड़ी नाराजगी
• प्रधान सचिव के आदेश का पालन नहीं करने पर कोर्ट सख्त
• अगली सुनवाई में प्रधान सचिव और DC को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश
• मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी
Jharkhand High Court News: दो भाइयों की नौकरी से जुड़ा है मामला
यह मामला श्रम विभाग के कर्मचारी राजकुमार राम के निधन के बाद उनके परिवार को अनुकंपा नियुक्ति देने से जुड़ा है। मृतक के बड़े बेटे अनिल कुमार ने पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन विभाग ने उम्र सीमा अधिक होने का हवाला देकर आवेदन खारिज कर दिया।
विभाग ने कहा कि छोटे भाई रूपेश रंजन की उम्र नौकरी के लिए उपयुक्त है, इसलिए वह पात्र हो सकते हैं। इसके बाद अनिल कुमार ने विभाग के निर्णय को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की, जो खारिज हो गई। बाद में उन्होंने अपील याचिका भी दायर की।
Jharkhand High Court News: रूपेश रंजन की याचिका पर बढ़ा विवाद
छोटे भाई रूपेश रंजन ने भी अलग से रिट याचिका दायर की थी। दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई हुई। अपील याचिका खारिज हो गई, लेकिन रूपेश रंजन की रिट याचिका में कोर्ट ने प्रधान सचिव के आदेश के अनुसार रांची उपायुक्त को नियुक्ति पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था।
हालांकि जिला अनुकंपा नियुक्ति समिति ने रूपेश रंजन के आवेदन को भी रद्द कर दिया। उपायुक्त की ओर से दाखिल शपथ पत्र में कहा गया कि मृतक के बड़े पुत्र ने अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया था, इसलिए छोटे पुत्र को नियुक्ति नहीं दी जा सकती।
इस पर खंडपीठ ने गंभीर नाराजगी जताते हुए मामले को गंभीरता से लिया। रूपेश रंजन ने इसी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है, जिस पर अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
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