पटना : राजधानी के पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन के बीच अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसे हड़ताल कहना सही नहीं होगा। सुपरिटेंडेंट डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रख रहे हैं और उनकी पांच सदस्यीय टीम स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव से मिलने गई है। उन्हें उम्मीद है कि दोपहर एक बजे के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी और ओपीडी सेवा भी शुरू हो जाएगी।
जूनियर डॉक्टर मानवता के दुश्मन नहीं हैं – सुपरिटेंडेंट डॉ. राजीव कुमार सिंह
सुपरिटेंडेंट डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि जूनियर डॉक्टर मानवता के दुश्मन नहीं हैं। वे भी डॉक्टर हैं और मरीजों की जिम्मेदारी को समझते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी और आईसीयू सेवाएं लगातार संचालित हो रही हैं और केवल ओपीडी सेवा अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है। जूनियर डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह एक वास्तविक और लंबे समय से लंबित मुद्दा है। सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि जो फैसले उनके अधिकार क्षेत्र में होते हैं, उन्हें वह तत्काल लागू करते हैं। लेकिन कुछ निर्णय सरकार के स्तर पर लिए जाते हैं।

मारपीट की घटनाओं पर डॉ. सिंह ने कहा- किसी भी प्रकार की हिंसा का समाज में कोई स्थान नहीं है
अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाओं पर डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा का समाज में कोई स्थान नहीं है। गाली-गलौज और मारपीट किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पीएमसीएच में आने वाले अधिकांश मरीज बेहद गंभीर अवस्था में होते हैं, इसलिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सहयोग और धैर्य बनाए रखें।

सुपरिटेंडेंट ने कहा- PMCH में इलाज की गुणवत्ता बेहतरीन है और यहां गंभीर मरीजों का सफल इलाज अन्य अस्पतालों की तुलना में बेहतर होता है
सुपरिटेंडेंट ने कहा कि पीएमसीएच में इलाज की गुणवत्ता बेहतरीन है और यहां गंभीर मरीजों का सफल इलाज अन्य अस्पतालों की तुलना में बेहतर होता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीजों का अत्यधिक दबाव रहता है। वर्तमान में बेड की क्षमता कम है, लेकिन नई बिल्डिंग बनने के बाद इसे बढ़ाया जाएगा, जिससे ट्रॉली और बेड की समस्या भी काफी हद तक दूर हो जाएगी।

डॉ. सिंह ने कहा- PMCH में लगभग 90 प्रतिशत दवाइयां मरीजों को उपलब्ध कराई जाती हैं
दवाइयों की उपलब्धता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि पीएमसीएच में लगभग 90 प्रतिशत दवाइयां मरीजों को उपलब्ध कराई जाती हैं। केवल कुछ दवाइयां टेंडर प्रक्रिया या आपूर्ति में देरी के कारण उपलब्ध नहीं हो पातीं। उन्होंने दावा किया कि कई महंगी दवाइयां, जिनकी बाजार में कीमत आठ से 10 हजार रुपए तक होती है, गंभीर मरीजों को अस्पताल की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। उनके अनुसार, अस्पताल मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

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