रांची के हिंदपीढ़ी में 55.59 लाख रुपये की कथित फर्जी बैंक गारंटी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
Bank Guarantee रांची: हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र में 55 लाख 59 हजार 330 रुपये की कथित फर्जी बैंक गारंटी तैयार कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। करूर वैश्य बैंक की रांची शाखा के प्रबंधक सुनील तिवारी की शिकायत पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश से हिंदपीढ़ी थाना में FIR दर्ज की गयी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Bank Guarantee: जांच में बैंक गारंटी निकली फर्जी
बैंक के अनुसार, मामला आठ दिसंबर 2023 को जारी बतायी गयी बैंक गारंटी से जुड़ा है। 18 जुलाई 2024 को झारखंड सिल्क डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के मिशन डायरेक्टर सह सीईओ ने बैंक से इस गारंटी की पुष्टि करने को कहा।
रिकॉर्ड की जांच के बाद बैंक अधिकारियों ने पाया कि इस तरह की कोई बैंक गारंटी जारी ही नहीं की गयी थी। कथित गारंटी पर बैंक अधिकारी के हस्ताक्षर, नाम और सीरियल नंबर भी फर्जी पाए गये। इसके बाद 19 जुलाई 2024 को बैंक ने झारखंड सिल्क डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी को गारंटी के फर्जी होने की जानकारी दी।
Key Highlights
- रांची में 55 लाख 59 हजार 330 रुपये की कथित फर्जी बैंक गारंटी का मामला।
- करूर वैश्य बैंक की रांची शाखा के प्रबंधक ने शिकायत दर्ज करायी।
- जांच में बैंक ने गारंटी जारी करने से इनकार किया।
- बैंक अधिकारी के हस्ताक्षर, नाम और सीरियल नंबर भी फर्जी मिले।
- कोर्ट के आदेश पर हिंदपीढ़ी थाना में FIR दर्ज कर जांच शुरू की गयी।
Bank Guarantee:भोपाल की कंपनी पर जालसाजी का आरोप
शिकायत में भोपाल की महलवाला इंटरनेशनल एजुकेयर सर्विसेज एलएलपी के भागीदारों अथवा अधिकृत व्यक्ति पर जाली लेटरहेड, हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल कर बैंक गारंटी तैयार करने का आरोप लगाया गया है। बैंक ने कंपनी से संबंधित KYC दस्तावेज मांगे थे, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद बैंक ने कानूनी नोटिस भी भेजा, जिसका जवाब नहीं मिला।
Bank Guarantee:शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
बैंक प्रबंधन ने तीन सितंबर 2024 को हिंदपीढ़ी थाना में शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर एसएसपी को रिमाइंडर भेजा गया। इसके बाद बैंक की ओर से अदालत में परिवाद दायर किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश के बाद हिंदपीढ़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी। अब पुलिस फर्जी बैंक गारंटी तैयार करने, उसमें इस्तेमाल दस्तावेजों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।



















