NAVADA: इलाज के अभाव में युवक की मौत मामले में नवादा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और डॉक्टर के वेतन पर रोक लगा दी गई है. बता दें कि सदर अस्पताल में बुधवार को इलाज के अभाव में एक युवक ने दम तोड़ दिया. जिसके बाद परिजनों द्वारा जमकर हंगामा किया गया था. अब इस मामले की जांच की जा रही है. बता दें कि मौत के बाद सदर अस्पताल पहुंचे डीडीसी दीपक कुमार मिश्रा, सदर एसडीओ उमेश कुमार भारती ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच शुरू की.

दोनों अधिकारियों ने एक घंटे तक सिविल सर्जन कार्यालय में बैठकर सभी रजिस्टर को मंगा कर गंभीरता से जांच की. इस पूरे मामले में लापरवाही करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है. जबकि सदर एसडीओ कई कागजात भी अपने साथ ले गए हैं. आपको बता दें कि इलाज के दौरान 2 लोगों की मौत हो चुकी है. एक युवक की मौत पावापुरी के अस्पताल में इलाज के क्रम में हुई है.
सदर अस्पताल : डॉक्टर इमरजेंसी जाने के बजाए पोस्टमार्टम हाउस चले गए
नवादा के सिविल सर्जन बैद्यनाथ चौधरी ने प्रेस वार्ता कर यह
जानकारी दी है कि कि डॉक्टर ड्यूटी में थे, उन्हें पहले
इमरजेंसी में सेवा देना चाहिए था, लेकिन वहां जाने के बजाए वे
पोस्टमार्टम हाउस चले गए. जबकि 4 लोग सड़क दुर्घटना में
घायल होकर इमरजेंसी में आए थे. इस घटना में डॉक्टर और
उपाधीक्षक की लापरवाही सामने आई है. जिसके बाद
नवादा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अजय कुमार और
डॉक्टर आरपी सहगल का वेतन बंद करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गई है.
सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को वर्दी में रहने का दिया आदेश
सिविल सर्जन ने अस्पताल के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को आदेश दिया गया है कि सभी लोग ड्यूटी के वक्त वर्दी में रहे. नहीं तो कार्रवाई भी की जाएगी. बुधवार को देखने को मिला कि ना ही उपाधीक्षक ना ही डॉक्टर कोई भी वर्दी में नहीं थे.
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