Desk: हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा से हार के बाद कांग्रेस को अपने इंडिया ब्लॉक सहयोगियों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। शिवसेना (यूबीटी) ने हरियाणा में अकेले चुनाव लड़ने के कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस पर “अहंकार” का आरोप लगाया है।
कांग्रेस की हार पर इंडिया गठबंधन के दल बोले
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आज कहा कि कांग्रेस ने छोटे दलों के प्रस्तावों को यह सोचकर नजरअंदाज कर दिया कि वे अकेले चुनाव जीत सकते हैं। राउत ने कहा, “इंडिया गठबंधन हरियाणा में नहीं जीत सका क्योंकि कांग्रेस को लगा कि वे अपने दम पर जीतेंगे और उन्हें किसी अन्य साथी की ज़रूरत नहीं महसूस हुई। अगर कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी, AAP या अन्य छोटे दल के साथ सीटें साझा की होतीं तो परिणाम अलग होते।’
इस दौरान राउत ने भाजपा की चुनाव रणनीति की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से भाजपा ने चुनाव लड़ा, वह बहुत अच्छा है। सभी को विश्वास था कि कांग्रेस जीत रही है, लेकिन फिर भी वह हार गई और भाजपा जीत गई क्योंकि उसके पास व्यवस्थित रणनीति थी। बेहतर सिस्टम और प्रबंधन था। हम लोगों को भी इस पर ध्यान देने कीआवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व के कारण जम्मू-कश्मीर में इंडिया गठबंधन की जीत हुई। उन्होंने कहा, “हम जम्मू-कश्मीर में जीते क्योंकि इंडिया गठबंधन फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में जेकेएनसी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहा था।” वहीं उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सीट बंटवारे के लिए कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी-एसपी के साथ बातचीत कर रही है। ठाकरे ने मांग की है कि कांग्रेस और एनसीपी-एसपी महाराष्ट्र चुनाव से पहले गठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करें।
हरियाणा में कांग्रेस की हार
बता दें कि, हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों में से बीजेपी ने 48 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस 37 सीटें जीतने में कामयाब रही। निर्दलीयों ने 3 सीटें जीतीं और इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) ने 2 सीटें हासिल कीं। इस बीच, आप नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा, “हम दिल्ली (विधानसभा) चुनाव अकेले लड़ेंगे। एक तरफ अति आत्मविश्वास वाली कांग्रेस है और दूसरी तरफ अहंकारी भाजपा है। हमने पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में जो किया है उसके आधार पर चुनाव लड़ेंगे।”
वहीं टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने बिना पार्टी का नाम लिए कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अहंकार और क्षेत्रीय दलों को नीची दृष्टि से देखना विनाश का कारण है। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस को हरियाणा में अपनी हार के कारणों का पता लगाने के लिए गहराई से आत्मनिरीक्षण करना होगा।


















