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लोकतंत्र और Journalism एक दूसरे के बिना है अधूरा, WJAI के संवाद कार्यक्रम में…

“पत्रकारिता से समाज को अपेक्षाएं” विषय पर डब्ल्यूजेएआई का संवाद आयोजित

दरभंगा: आज एआई के इस दौर में पत्रकार तकनीक का तो इस्तेमाल करें, लेकिन साथ ही अपने ज्ञान को भी लगातार अद्यतन करते रहें और अपना इंटेंशन भी सही रखें क्योंकि किसी भी चीज के बेहतर निर्माण के लिए तकनीक, ज्ञान और सही नीयत जरुरी होती है। पत्रकारिता (Journalism) की भी यही जरूरत है और समाज भी पत्रकारों से यही उम्मीद रखता है। वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित वर्चुअल संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) की स्वनियामक इकाई, वेब जर्नलिस्ट्स स्टैण्डर्ड ऑथरिटी (WJSA) के मानद सदस्य और भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्ति अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने यह बातें कहीं। 15 फ़रवरी की शाम को आयोजित “संवाद” का विषय था “पत्रकारिता से समाज को अपेक्षाएं”।

संवाद में उन्होंने कहा कि समाज हमेशा से चाहता है कि पत्रकार बेजुबानों की आवाज बने, उनकी बातों में सत्यता हो, सटीकता हो, वे निष्पक्ष हों और हमारी सरकार के विभिन्न अंगों के वाच डॉग बनें, साथ ही जो सूचना वे दे रहें हैं, उस सूचना को सूचना के रूप में ही प्रस्तुत करें। जो सूचनाओं वे देते हैं जो खबरें देते हैं वह निश्चित रूप से किसी न किसी राष्ट्रीय बहस की ओर उसे अग्रसर करते हो। ये सभी समाज की पत्रकारों से उम्मीद तो रहती ही है, साथ ही पत्रकारिता (Journalism) की ये जिम्मेदारी भी है।

पत्रकार को रहना चाहिए तटस्थ

ओमप्रकाश यादव ने पत्रकारिता (Journalism) से समाज को अपेक्षाएं विषय पर और भी कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिकन प्रेस इंस्टीट्यूट ने एक सर्वे रिपोर्ट जारी किया था जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म के बाद जर्नलिज्म से समाज की क्या अपेक्षाएं हैं। परिणाम कहता है कि 78 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्ष रहना चाहिए। उसमें से 68 प्रतिशत ने कहा कि पत्रकार को तटस्थ रहना चाहिए। 61 प्रतिशत ने कहा कि प्रतिकारों के बीच विविध विचार जरूर होने चाहिए।

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लेकिन दुर्भाग्य है कि आज के डिबेट में विविध विचार कई बार गलत परिस्थितियों में तब्दील हो जाता है। 54 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पत्रकार को समाज का प्रहरी होना चाहिए। लोकतंत्र के तीन स्तंभ होते हैं और पत्रकारों को इन तीनों स्तंभों के प्रहरी के रूप में काम करना चाहिए। कहा भी गया है कि कोई भी लोकतंत्र तीन स्तंभों पर नहीं रह सकता है इसलिए चौथा स्तंभ के रूप में पत्रकारिता को रखा गया है।

समाज को Journalism से अपेक्षाएं

उन्होंने कहा हमें तीन शब्दों को आत्मसात करना चाहिए और वह शब्द हैं , नियत, तकनीक और ज्ञान। जब यह तीनों चीजें मिलते हैं तब एक पॉजिटिव चीजों का निर्माण होता है। समाज को अपेक्षाएं हैं कि पत्रकार के पास तकनीक की जानकारी हो। आपके पास अपडेटेड जानकारी होनी चाहिए ताकि आप नई जानकारियों से अपडेट होते रहें और हमेशा अपडेटेड रहें। समाज पत्रकार से अपेक्षा रखती है कि आप सामाजिक सरोकारों को जरूर ध्यान में रखें।

चार पाप याद जरूर रखें लेकिन करना कभी नहीं चाहिए

उन्होंने कहा अमेरिका के एक इतिहासकार हैं जिन्होंने कहा है कि संवाद के चार पाप हैं जिसे हमेशा याद रखना चाहिए लेकिन वह पाप करना कभी नहीं चाहिए। पहला पाप है बिना तैयारी के कोई संवाद न करें। दूसरा पाप है असंबद्ध। आप कोई संवाद करने जा रहे हैं और आप सामने वाले व्यक्ति से कनेक्ट नहीं कर पाए तो गलत है। तीसरा है नापसंद चीजें कभी नहीं करनी चाहिए और चौथा पाप है अशुद्ध। ये चारों पाप एक पत्रकार को कभी नहीं करना चाहिए।

कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण की तरह विशाल है Journalism का स्वरूप

उन्होंने कहा कि आज के Journalism का रूप इतना विशाल हो गया है जितना कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण का हो गया था। जिस तरह भगवान कृष्ण ने कहा था कि आरंभ भी मैं हूं, भूत भी मैं हूं, वर्तमान भी मैं हूं और अंत भी मैं ही हूं, उसी प्रकार आज पत्रकारिता है।

लोकतंत्र और Journalism एक दूसरे के बिना है अधूरा

एक अमेरिकी पत्रकार ने कहा है कि लोकतंत्र और Journalism एक साथ जुड़वां की तरह जन्म लेते हैं। अगर किसी एक की मृत्यु होगी तो स्वतः दूसरे की मौत हो जाएगी। आपका स्वरूप इतना व्यापक है कि अक्सर लोग देख नहीं पाते हैं। आप पत्रकार अपनी व्यापकता का भगवान हनुमान की तरह अंदाजा नहीं लगा पाते हैं और जब अंदाजा होता है तो उसमें विकृति आ जाती है। आपको आपके Journalism में विकृति नहीं आने देनी चाहिए। आप पत्रकारिता करते हैं यह एक जिम्मेवारी है नौकरी नहीं। एक पत्रकार को कई सारे अधिक छोड़ने पड़ते हैं। अगर आप ऐसा कर पाते हैं तो आप एक सच्चे पत्रकार हैं।

संवाद कार्यक्रम के आरंभ में WJAI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ लीना ने स्वागत भाषण किया तो राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मंजेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन। संवाद का संचालन राष्ट्रीय महासचिव डॉ अमित रंजन ने किया। कार्यक्रम के दौरान वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश कमिटी के पदाधिकारी, वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के सदस्य, वेब जर्नलिस्ट और मीडिया विद्यार्थियों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।

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दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट

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