रांची: राज्य के वित्त रहित स्कूलों और कॉलेजों की अनुदान बढ़ोतरी पर निर्णय ग्रेडिंग की आस में नहीं हो पा रहा है. अनुदान बढ़ोतरी के लिए स्कूलों और कॉलेजों की ग्रेडिंग की बात कही गयी थी.
लेकिन छह माह बाद भी इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है.ग्रेडिंग नहीं होने से अनुदान बढ़ोतरी पर निर्णय नहीं हो पा रहा है. झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा स्कूलों और कॉलेजों की ग्रेडिंग का विरोध कर रहा है.
मोर्चा के रघुनाथ सिंह ने बताया कि अनुदान नियमावली में शिक्षण संस्थानों की ग्रेडिंग का कोई प्रावधान नहीं है. ऐसे में बिना नियमावली के स्कूलों और कॉलेजों की ग्रेडिंग कैसे हो सकती है. स्कूलों और कॉलेजों को वर्ष 2015 में निर्धारित राशि के अनुरूप अनुदान दिया जा रहा है.
इस दौरान अनुदान राशि में बढ़ोतरी नहीं हुई है. अनुदान राशि में बढ़ोतरी की मांग पर विचार के लिए निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गयी थी.
कमेटी ने अनुदान बढ़ोतरी की बात कही थी. लेकिन इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. मोर्चा का कहना है कि राज्य के वित्त रहित डिग्री कॉलेजों के अनुदान में बढ़ोतरी हुई है, जबकि हाइस्कूल व इंटर कॉलेजों का अनुदान नहीं बढ़ाया गया.
मोर्चा के रघुनाथ सिंह ने बताया कि इंटर कॉलेज व हाइस्कूल का अनुदान भी चार गुना करने की बात कही गयी थी. उन्होंने कहा है कि अगर अनुदान बढ़ोतरी पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो मोर्चा आंदोलन को और तेज करेगा.


















