रांची: झारखंड के एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने अब राज्य के निजी स्कूल-कॉलेजों (कक्षा नौवीं से 12वीं तक) का संचालन सरकारी स्कूलों-कॉलेजों की तरह करने का निर्णय लिया है।
इसके लिए जैक ने पहली बार मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों-कॉलेजों के लिए नियमावली तैयार की है, जिसमें पठन-पाठन, कक्षाओं का संचालन, परीक्षा आयोजन और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं।
चार साल बाद जैक बोर्ड के गठन के बाद, बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार महतो की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें उक्त नियमावली को स्वीकृति मिली। इस नयी नियमावली के बाद, राज्य के निजी स्कूल-कॉलेजों में कक्षाएं सरकारी स्कूलों-कॉलेजों की समय-सारणी के अनुसार आयोजित की जाएंगी।
राज्य में लगभग 1,000 शिक्षण संस्थान जैक बोर्ड से संबद्ध हैं, जिनमें स्थायी और अस्थायी मान्यता प्राप्त हाईस्कूल, इंटर कॉलेज, मदरसा और संस्कृत स्कूल शामिल हैं।
इससे पहले इन संस्थानों में अलग-अलग नियमावली के तहत कक्षाओं का संचालन और परीक्षाएं होती थीं, जिससे कई तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती थीं। जैक ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए नयी नियमावली बनायी है।
नयी नियमावली के तहत संबद्ध निजी स्कूलों-कॉलेजों में सभी कक्षाएं सुबह 9:00 बजे से शुरू होंगी और दोपहर 3:00 बजे तक चलेंगी।
यह समय-सारणी एक जुलाई से 31 मार्च तक के लिए है, जबकि 1 अप्रैल से 30 जून तक कक्षाएं सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चलेंगी।
11वीं और 12वीं के लिए अलग रूटीन है। शिक्षकों के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी और स्कूल-कॉलेजों को डीइओ के माध्यम से ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा।
नयी नियमावली में बच्चों के नामांकन के लिए भी निर्देश दिए गए हैं, जिसमें कक्षा नौवीं से 12वीं तक के नामांकन की प्रक्रिया शामिल है।
प्रवेश पंजी बंद करने की जिम्मेदारी संबंधित जिले के डीइओ को होगी और इस नयी नियमावली के अनुसार स्कूल में नियमित और स्वतंत्र छात्रों को परीक्षाओं में शामिल करने का भी प्रावधान है। नामांकन प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र के अंत तक होगी, जिसका अंतिम दिन 30 सितंबर होगा।

















