रांची: झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में रिक्त सीटों को भरने के लिए स्पेशल स्ट्रे वेकेंसी राउंड काउंसलिंग शुरू कर दी है। राज्य के 16 मेडिकल कॉलेजों में से 9 कॉलेजों में अब भी 316 सीटें खाली हैं। इनमें सबसे अधिक 172 सीटें चार होमियोपैथिक कॉलेजों में खाली हैं। वहीं, 143 सीटें डेंटल और 1 एमबीबीएस सीट रिम्स रांची में खाली है। ये सभी सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों की हैं।
स्पेशल स्ट्रे राउंड के लिए राज्य मेधा सूची जारी कर दी गई है। विद्यार्थी 27 नवंबर शाम 5 बजे तक च्वाइस फिलिंग कर सकते हैं और रात 12 बजे तक उसमें बदलाव कर सकेंगे। प्रोविजनल सीट एलॉटमेंट लेटर 29 नवंबर को जारी होगा। दस्तावेज सत्यापन के बाद विद्यार्थी 30 नवंबर से 5 दिसंबर तक नामांकन ले सकते हैं।
राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों में उच्च फीस और संसाधनों की कमी सीटें खाली रहने का मुख्य कारण है। विद्यार्थियों का रुझान डेंटल और होमियोपैथिक कोर्स की ओर कम है। इसके अलावा, शैक्षणिक गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं की कमी भी बड़ी समस्या है।
होमियोपैथिक कॉलेजों में सीटें भरने के लिए नेशनल कमीशन ऑफ होमियोपैथी ने विभिन्न श्रेणियों के न्यूनतम क्वालिफाइंग परसेंटाइल में 15 अंकों की कटौती की है।
बीएड, एमएड और बीपीएड पाठ्यक्रमों में भी चतुर्थ राउंड की काउंसलिंग के बाद सीटें खाली रह गई हैं। अब इन पर 30 नवंबर तक सीएमएल रैंक के बिना नामांकन लिया जा सकेगा।
रिक्त सीटों का विवरण
- रिम्स रांची (एमबीबीएस): 1
- डेंटल इंस्टीट्यूट रिम्स: 58
- वनांचल डेंटल कॉलेज: 54
- होमियोपैथिक कॉलेज (कुल): 172
यह स्थिति राज्य के मेडिकल शिक्षा और संसाधन प्रबंधन पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संसाधन बढ़ाने से इस समस्या का समाधान हो सकता है।


















