सुरक्षा बल का एक जवान की भी हुई मौत, आक्रोशितों ने सुरक्षा बलों के कई वाहनों में लगाई आग
कोहिमा : नगालैंड में सुरक्षा बलों के एक आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में ‘गलत पहचान’ के चलते कई स्थानीय लोग मारे गए. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मरने वालों की संख्या करीब 13 है. मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है. फायरिंग की घटना के बाद आई तस्वीरों में गाड़ियों को जलते हुए दिखाया गया है. वहीं, सुरक्षा बल का एक जवान की भी मौत हो गई. घटना म्यांमार की सीमा से लगे नागालैंड के मोन जिले के ओटिंग गांव की है.
नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने शांति की अपील करते हुए रविवार सुबह ट्वीट किया कि राज्य के मोन जिले के ओटिंग गांव में ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ की वजह से नागरिकों की हत्या हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च स्तरीय विशेष जांच दल इसकी जांच करेगा.
सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा है, मोन के ओटिंग में दुर्भाग्यपूर्ण घटना में नागरिकों की हत्या अत्यंत निंदनीय है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना. उच्च स्तरीय एसआईटी जांच करेगी और देश के कानून के मुताबिक न्याय मिलेगा. सभी वर्गों से शांति की अपील.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस घटना पर दुख जाहिर किया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, नगालैंड के ओटिंग, मोन में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दुखी हूं. जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. राज्य सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय एसआईटी इस घटना की गहन जांच करेगी ताकि शोक संतप्त परिवारों को न्याय मिल सके.
सूत्रों ने बताया कि एक गुप्त सूचना पर सुरक्षा बलों ने तिरु-ओटिंग सड़क पर घात लगाकर हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन गलती से ग्रामीणों को उग्रवादी समझ लिया. हमले में ग्रामीणों के मारे जाने पर स्थानीय लोग गुस्साई भीड़ में तब्दील हो गए और सुरक्षा बलों को घेर लिया. पुलिस सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बलों को आत्मरक्षा में भीड़ पर गोलियां चलानी पड़ीं और कई ग्रामीणों को गोलियां लगी. सुरक्षा बलों के कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया.
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