देश के श्रमिकों के बजाय मोदी सरकार बड़े उद्योगपतियों व पूंजीपतियों की विशेष चिंता है – उमेश कुशवाहा

देश के श्रमिकों के बजाय मोदी सरकार बड़े उद्योगपतियों व पूंजीपतियों की विशेष चिंता है – उमेश कुशवाहा

पटना : जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रदेश कार्यालय में आज श्रम एवं तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रशिक्षण सह कार्यकर्ता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद बिहार जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, बिहार सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार, लघु व जल संसाधन जयंत राज, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सह विधानपार्षद रविन्द्र प्रसाद सिंह, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह ‘गांधी जी’, श्रम एवं तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर रामचरित्र प्रसाद, पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, मुख्यालय प्रभारी अरुण कुमार सिंह, प्रकोष्ठ प्रभारी सह मुख्यालय प्रभारी सुनील कुमार सुशील उपस्थित थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम एवं तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रामचरित्र प्रसाद ने किया एवं संचालन श्रम एवं तकनीकी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष नागमणि कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम के दौरान अपने सम्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा बिहार के आधुनिक विश्वकर्मा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार द्वारा राज्य एवं राज्य के बाहर कार्य करने वाले सभी श्रमिक भाई-बहनों के कल्याण की कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उनकी सरकार ना केवल श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाती है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में उन्हें अथवा उनके परिजनों को तत्परता के साथ सहायता भी पहुंचाती है।

कुशवाहा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार को देश के श्रमिकों के बजाय बड़े उद्योगपतियों एवं पूंजीपतियों की विशेष चिंता है। देश की गरीब श्रमिकों की आमदनी भले ही न बढ़े लेकिन मोदी सरकार के करीबी उद्योगपतियों एवं पूंजीपतियों की आमदनी बढ़ती रहनी चाहिए, यही भाजपा की पहली प्राथमिकता है। प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि मोदी सरकार बताएं कि उन्होंने अपने शासनकाल में देश के श्रमिकों की आमदनी में बढ़ोतरी एवं उनके कल्याण में कौन-कौन सी योजनाएं का संचालन किया है?

साथ ही मोदी सरकार ने अब तक कितने उद्योगपतियों/पूंजीपतियों का ऋण माफ किया है? और उसकी तुलना में कितने श्रमिकों, गरीबों और किसानों छोटे व्यापारियों का ऋण माफ किया गया है?
कुशवाहा ने कहा कि कोरोना काल में भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने श्रमिकों को उनके दयनीय स्थिति में छोड़ दिया था तब माननीय मुख्यमंत्री ने स्वंय के साधन और संसधान से श्रमिकों बिहार लाया और उनके समस्याओं को दूर करने के लिए तमाम तरह की व्यवस्था भी की। बिहार सरकार ने 14 लाख से अधिक श्रमिकों के खाते में तीन-तीन हजार रुपए भेजा ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सत्ता संभालने के बाद सबसे अधिक बिहार के श्रमिकों की फिक्रमन्दी की। चुकी, नीतीश कुमार एक इंजीनियर हैं इसलिए उनकी ज्यादातर योजनाएं श्रमिक एवं तकनीक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए ही बनती है। मुख्यमंत्री के प्रयास से आज बिहार से पलायन करने वाले श्रमिकों की संख्या में व्यापक कमी आई है।

बिहार सरकार के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यक्षमता और दूरदृष्टि से बिहार की तकदीर और तस्वीर बदलने का काम किया है। मंत्री ने कहा कि पार्टी के श्रम प्रकोष्ठ की यह प्रमुख जिम्मेदारी है कि जनता के हित में चलाए जा रहे हैं कल्याणकारी योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का काम करें। विशेषतौर पर मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए जो काम किए हैं उससे बिहार के श्रमिक भाइयों को अवगत कराएं, ताकि वो उन योजनाओं का लाभ वो उठा सकें। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान मुख्यमंत्री ने अन्य प्रदेशों में काम कर रहे श्रमिक भाईयों के लिए बिहार में रोजगार का अवसर प्रदान किया। उस विकट परिस्थितियों में भी मुख्यमंत्री ने अपने श्रमिकों का साथ नहीं छोड़ा बल्कि श्रमिकों सहारा बनने का काम किया। कोरोना खत्म होने के बाद भी आज कई श्रमिक स्थाई रूप से बिहार में काम कर रहे हैं।

मंत्री जयंत राज ने कहा कि श्रम प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आप सभी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर मुख्यमंत्री के द्वारा किए गए विकासकार्यो को आम जनता तक पहुंचाएं। आपकी यह पहल 2024 आगामी लोकसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी। भाजपा को 2024 में केंद्र की सत्ता से निष्कासित करने के लिए हमें एकजुट होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में मौजूद ई. अशोक कुमार, ई. आंनद मोहन, वीरेंद्र कुमार सिंह, ई. शिवरत्न कुमार, नवल कुमार सिंह, चांदनी सिंह कुशवाहा, कुंती कुमारी, राधा पटेल, ई. शशिभूषण सिंह, हरिओम कुशवाहा, सुरेंद्र मिश्रा, गणेश शंकर कुशवाहा, जिला अध्यक्ष शंकर सिंह, कुमारी पलवी पटेल, मनोज सिंह कुशवाहा और चंद्रवंशी कुमार पटेल सहित तमाम जिलों के जिला अध्यक्ष एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे।

आफताब आलम की रिपोर्ट

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