पटना : सूचना प्रावैधिकी विभाग बिहार द्वारा विश्वभर में रह रहे बिहार मूल के लोगों को राज्य के विकास, नवाचार, निवेश एवं तकनीकी प्रगति से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने आज doit.bihar.gov.in पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह उपस्थित रहे।

बिहार की प्रतिभाएं आज विश्व के विभिन्न देशों, प्रतिष्ठित संस्थानों और अग्रणी संगठनों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं – मंत्री नीतीश मिश्रा
इस अवसर पर मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार की प्रतिभाएं आज विश्व के विभिन्न देशों, प्रतिष्ठित संस्थानों और अग्रणी संगठनों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। ऐसे में उनकी विशेषज्ञता, अनुभव, सुझाव और निवेश क्षमता को बिहार के विकास से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाला बिहारी अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान देना चाहता है और राज्य सरकार उसे एक सशक्त मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक बिहारी समुदाय राज्य सरकार के साथ सीधे जुड़कर अपने सुझाव, सहयोग प्रस्ताव, स्वयंसेवी योगदान एवं निवेश प्रस्ताव साझा कर सकेगा। यह मंच बिहार और वैश्विक बिहारी समुदाय के बीच एक प्रभावी संवाद एवं सहभागिता तंत्र के रूप में कार्य करेगा।

इस पोर्टल पर सहभागिता के लिए 3 प्रमुख विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं
इस पोर्टल पर सहभागिता के लिए तीन प्रमुख विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अंतर्गत इच्छुक व्यक्ति ‘चेंज मेकर’ के रूप में बिहार के विकास हेतु अपने विचार, सुझाव, विशेषज्ञता एवं नवाचार संबंधी प्रस्ताव साझा कर सकते हैं। ‘वॉलंटियर’ विकल्प के माध्यम से वे राज्य के विभिन्न विकासात्मक, सामाजिक एवं तकनीकी अभियानों में स्वयंसेवी सहयोग प्रदान कर सकते हैं। वहीं ‘इन्वेस्टमेंट’ विकल्प के तहत निवेशक एवं उद्यमी बिहार में उद्योग स्थापना, रोजगार सृजन व आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से संबंधित अपने निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं। इस प्रकार यह प्लेटफॉर्म विचार, सहयोग और निवेश-तीनों स्तरों पर वैश्विक बिहारी समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा- यशस्वी प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ के दूरदर्शी संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ के दूरदर्शी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए यह पहल विश्वभर में बसे बिहार मूल के लोगों को एक डिजिटल मंच पर जोड़कर उनकी प्रतिभा, अनुभव, नवाचार और निवेश क्षमता को बिहार के विकास से जोड़ने का कार्य करेगी और विकसित बिहार के निर्माण को नई दिशा और गति प्रदान करेगी। मिश्रा ने बताया कि बिहार AI Summit 2026 के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य से बाहर रह रहे बिहारवासियों का आह्वान करते हुए कहा था कि वे अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ जन्मभूमि के निर्माण में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है।

मिश्रा ने वैश्विक बिहारी समुदाय से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा- एक विकसित, आत्मनिर्भर व समृद्ध बिहार के निर्माण में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें
नीतीश मिश्रा ने वैश्विक बिहारी समुदाय से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बिहार के निर्माण में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल की मॉनिटरिंग वे स्वयं करेंगे, ताकि प्राप्त प्रत्येक सुझाव एवं प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर उसे परिणामोन्मुखी बनाया जा सके। इस अवसर पर नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी पूंजी उसके लोग हैं, जो आज विश्व के विभिन्न देशों, प्रतिष्ठित संस्थानों और अग्रणी संगठनों में अपनी प्रतिभा, ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य इस वैश्विक अनुभव, विशेषज्ञता और नवाचार की शक्ति को बिहार के विकास से जोड़ना है।

‘यह डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल सुझाव प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि बिहार और विश्वभर में बसे बिहारी समुदाय के बीच एक सशक्त एवं स्थायी सेतु है’
उन्होंने कहा कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल सुझाव प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि बिहार और विश्वभर में बसे बिहारी समुदाय के बीच एक सशक्त एवं स्थायी सेतु है। हम चाहते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाला प्रत्येक बिहारी राज्य के विकास, निवेश, उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार सृजन की यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि वैश्विक बिहारी समुदाय के अनुभव, दृष्टिकोण और योगदान से बिहार को ज्ञान-आधारित, तकनीक-संचालित, नवाचार-प्रधान एवं विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य को नई गति मिलेगी व ‘विकसित बिहार’ के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
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