डिजीटल डेस्क : NEET 2024 – अपडेट घटनाक्रम – बिहार सरकार ने शुरू कराई सॉल्वर गैंग के लिए सिफारिशी पत्र की जांच । नीट 2024 परीक्षा मामले में बिहार की राजधानी पटना के एनएचएआई गेस्ट हाउस में सॉल्वर गैंग के संपर्क वाले छात्रों के ठहरने की व्यवस्था के लिए एक मंत्री की ओर से लिए गए सिफारिशी पत्र की जांच राज्य सरकार ने शुरू करवा दी है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि सॉल्वर गैंग के तार राजद से जुड़े हुए हैं। जो लोग पकड़े गए हैं वो तेजस्वी यादव से जुड़े हैं। उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अपराधियों को संरक्षण देना राजद की मानसिकता में है।
NEET 2024 रिजल्ट के बाद से ही देश भर में मचा है बवाल
नीट 2024 परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से पूरे देश भर में बवाल मचा हुआ है। अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप लगा रहे हैं कि पेपर लीक हुआ है और धांधली हुई है। सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा है। जारी जांच में बिहार में यह सामने आ चुका है कि पटना के पास एनएचएआई गेस्ट हाउस में छात्रों के ठहरने के लिए एक मंत्री ने सिफारिशी पत्र दिया था। गेस्ट के एंट्री रजिस्टर का एक पन्ना भी सामने आया है। उसमें छात्र अनुराग यादव के नाम के आगे ब्रैकेट में मंत्री जी लिखा हुआ है। इसी पत्र के आधार पर अलॉट हुए कमरा नंबर 440 में रातभर सॉल्वर गैंग के जरिए मंत्री की पैरवी वाले छात्र गेस्ट हाउस में रुके थे। गेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था सॉल्वर गैंग के किंगपिन बताए जा रहे सिकंदर ने कराई थी। बता दें कि एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने 4 जून को नीट यूजी 2024 परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया था। उसमें 67 कैंडिडेट्स ने 100 फीसदी नंबर प्राप्त किए। इनमें से 6 कैंडिडेट फरीदाबाद के एक ही परीक्षा केंद्र से हैं। यह पहली बार है, जब नीट परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में टॉपर बने। अब ऐसे में एनटीए पर नीट परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने कई सवाल खड़े किए हैं।
नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड सिकंदर हुआ सस्पेंड, रांची में करता था ठेकेदारी
नीट परीक्षा मामले के सॉल्वर गैंग के गिरफ्तार सिकंदर को सस्पेंड कर दिया गया है। सिकंदर दानापुर में नगर आवास विभाग में तैनात था जिसे पहले उसके मूल विभाग जल संसाधन में भेजा गया। फिर उसे जल संसाधन विभाग में सस्पेंड कर दिया है। इस सिकंदर यादवेंदु को नीट परीक्षा मामले के सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। यह सिकंदर यादवेंदु बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। वह पहले भी घोटालों में लिप्त रहा है। उनमें वो पकड़ा जा चुका है। एक घोटाले के मामले में जेल भी जा चुका है। वह 3 करोड़ के एलईडी घोटाले का आरोपी था और उसी मामले में जेल भी जा चुका है। बताया जा रहा है कि सिकंदर पहले झारखंड की राजधानी रांची में ठेकेदारी का काम करता था। साल 2012 में उसने बिहार एसएससी परीक्षा पास की और जूनियर इंजीनियर बन गया। उसका बेटा और बेटी दोनों एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। उसका दामाद एमबीबीएस करने के बाद पीजी कर रहा है।
अबतक बिहार में इस मामले में 5 अभ्यर्थी समेत 14 हो चुके हैं गिरफ्तार
इस बीच बिहार में इस मामले में पुलिस ने कई गिरफ्तारियां भी की है। पुलिस से पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि बीते 5 मई को परीक्षा थी और पेपर 4 मई को ही लीक हो गया था। अभ्यर्थियों से 30 से 32 लाख रुपये लिए गए थे। पटना ईओयू (इकनॉमिक ऑफेंसेस यूनिट) ने जो 6 पोस्ट डेटेड चेक बरामद किए हैं, वे सभी माफियाओं के नाम जारी किए गए थे। अब ईओयू खाताधारकों के बारे में जानकारी जुटा रही है। बिहार में नीट पेपर लीक मामले को लेकर 14 की गिरफ्तारी हो चुकी है जिनमें 5 नीट यूजी के अभ्यर्थी हैं।
हाईकोर्ट ने खारिज की अभ्यर्थी आयुषी की याचिका, प्रियंका गांधी ने उछाला था मसला
नीट यूजी 2024 रिजल्ट को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दायर याचिका को सुनवाई के दौरान खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने पाया ही फर्जी दस्तावेज के आधार पर छात्रा ने याचिका दायर की थी और याचिका दायर करने वाली आयुषी की ओएमआर शीट नहीं फटी थी। नीट यूजी परीक्षा में शामिल आयुषी पटेल ने एनटीए पर आरोप लगाया था कि उनका रिजल्ट नहीं घोषित किया गया और उसे फटी ओएमआर शीट भेजी गई है। इस मामले में उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी। उसी मामले में एनटीए की ओर से कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेज के बाद याचिका को खारिज किया गया। आयुषी मामले को कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने खूब तूल दिया था।
हाईकोर्ट ने कहा – आयुषी मामले में कार्रवाई के लिए एनटीए स्वतंत्र
उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने एनटीए से कहा कि वह इस मामले में कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। आयुषी ने याचिका दायर कर एनटीए पर रिजल्ट नहीं घोषित करने का आरोप लगाया था। मामले में उन्होंने वीडियो बनाकर कहा था की एनटीए ने उनका रिजल्ट घोषित नहीं किया। उसके बाद जब उन्होंने मेल किया तो एनटीए द्वारा ये कहा गया कि आपकी ओएमआर शीट फटी हुई है। उस पर आयुषी पटेल ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में सियासत भी खूब हुई और प्रियंका गांधी ने भी विडियो को अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया था। आयुषी की याचिका के बाद कोर्ट ने एनटीए को ओरिजिनल ओएमआर शीट दाखिल करने को कहा था, जिसके बाद एनटीए ने ओएमआर दाखिल की और वह सही सलामत पाई गई, जिसे देखकर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। दायर याचिका में मांग की गई थी कि ओएमआर शीट का मूल्यांकन दोबारा से किया जाए और केंद्र सरकार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के खिलाफ जांच का आदेश दिया जाए और मौजूदा याचिका के लंबित रहने तक नीट यूजी काउंसलिंग पर भी रोक लगाई जाए।


















