रांची: पिछले तीन महीनों से राजधानी में एक गिरोह सक्रिय है, जो सुनसान या बिना सुरक्षा वाले एटीएम को निशाना बनाकर लोगों के खातों से पैसे उड़ाने की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। ये साइबर अपराधी एटीएम कियोस्क में अपना मोबाइल नंबर लिखते हैं और कार्ड फंसने पर मदद के बहाने ठगी करते हैं।
गिरोह के सदस्य सुनसान एटीएम में निगरानी रखते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति कार्ड फंसने की शिकायत करता है और कियोस्क में लिखे नंबर पर फोन करता है, ठग उसे झांसे में ले लेते हैं। मदद का दिखावा करते हुए अपराधी डेबिट कार्ड बदल लेते हैं और तुरंत पैसे निकालकर या खरीदारी कर लेते हैं।
पिछले तीन महीनों में इस गिरोह ने 14 लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर 22 लाख रुपये की निकासी या खरीदारी की है। पीड़ितों ने विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई है। कुछ मामलों में सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, लेकिन अब तक अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस नाकाम रही है।
15 जनवरी को आईजी अखिलेश झा ने इन लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस को ठोस कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें, सुनसान जगहों पर लगे एटीएम का उपयोग न करें और किसी अनजान व्यक्ति से मदद न लें।
साइबर ठगी के इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने का आश्वासन दिया है।



















