पटना: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बना हुआ है। सड़क से लेकर गली के चौराहे तक में आजकल वक्फ संशोधन विधेयक की चर्चा जोरों पर है। बुधवार को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजीजू ने वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया। बिल पर लोकसभा में रात दो बजे तक बहस चली और अंत में पास भी हो गया। गुरुवार को बिल राज्यसभा में पेश किया और राज्यसभा में भी इस बिल पर लंबी बहस चलने की आशंका है।
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आखिर क्या है इस संशोधन विधेयक में जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर लगातार हमलावर बना हुआ है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष ने भी अपने सभी सदस्यों के लिए व्हीप जारी किया है और बिल पर अंतिम फैसला आने तक लोकसभा और राज्यसभा में मौजूद रहने का निर्देश जारी किया है।
वक्फ कमिटी में दो महिला और दो गैर मुस्लिम को जगह
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के तहत वक्फ कमिटी में दो महिला और दो गैर मुस्लिम सदस्य अनिवार्य कर दिए जायेंगे। वक्फ कमिटी में शिया, सुन्नी और पिछड़े वर्ग के मुस्लिम को भी जगह देना होगा। Waqf Board Waqf Board
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गैर मुस्लिम Waqf Board को नहीं कर सकेंगे दान
इस्लामिक धर्म के अनुसार गैर मुस्लिम महिला मुस्लिम मर्द के साथ शादी तभी कर सकती है जब वह धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनती है लेकिन वक्फ के अब तक के नियमों के मुताबिक कोई भी गैर मुस्लिम वक्फ को दान में जमीन दे सकता है। वक्फ संशोधन विधेयक में यह नियम बनाया जा रहा है कि कोई भी गैर मुस्लिम अपनी जमीन वक्फ को दान नहीं कर सकता है। इतना ही नहीं वक्फ किसी आदिवासी या अन्य गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक और हिन्दुओं की जमीन भी दान में नहीं ले सकता है।
वह व्यक्ति भी वक्फ को अपनी संपत्ति दान नहीं कर सकता है जो 5 वर्ष से कम समय से मुस्लिम हो यानि अगर कोई गैर मुस्लिम धर्म परवर्तन कर मुस्लिम बन जाता है तो वह धर्म परिवर्तन के 5 वर्ष बाद ही वक्फ को अपनी संपत्ति दान कर सकता है। Waqf Board Waqf Board
महिलाओं और बच्चों की जमीन नहीं दी सकेगी दान
वक्फ संशोधन विधेयक के अनुसार कोई भी व्यक्ति सिर्फ वही संपत्ति वक्फ को दान में दे सकता है जो उसके नाम पर हो। अगर संपत्ति में महिलाओं और बच्चों का हिस्सा है तो वह हिस्सा वक्फ को दान में नहीं दी जा सकती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि संपत्ति को वक्फ करने में कोई धोखाधड़ी न हो, आवश्यक प्रमाण भी प्रस्तुत करने होंगे।
वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसला को दी जा सकेगी चुनौती
अब तक वक्फ नियमों के मुताबिक अगर वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति पर अपना दावा करता है तो उसका अंतिम फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल ही दे सकता है। वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को कहीं भी चुनौती नहीं दी जा सकती है लेकिन अब नए नियम के अनुसार वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को किसी भी सिविल कोर्ट, रेवेन्यु कोर्ट या हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी।
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वक्फ ट्रिब्यूनल में होंगे तीन सदस्य
अब तक वक्फ ट्रिब्यूनल में दो ही सदस्य होते हैं लेकिन नए संशोधन विधेयक के लागू हो जाने के बाद वक्फ ट्रिब्यूनल में तीन सदस्य होंगे। यह तीसरा सदस्य कोई इस्लामिक स्कॉलर होगा जिससे मामलों के निपटारा में पारदर्शिता बनी रहेगी।
विवादित जमीन की होगी जांच
वक्फ अगर किसी विवादित जमीन पर अपना दावा करता है तो उस जमीन की जांच राज्य सरकार जिलाधिकारी के ऊपर के रैंक के अधिकारी से कराएगी। जमीन की जांच पूरी होने के बाद ही जमीन वक्फ की है या नहीं यह फैसला लिया जा सकेगा। Waqf Board Waqf Board
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पटना से महीप राज की रिपोर्ट