प्रयागराज / नई दिल्ली : महाकुंभ में भगदड़ हादसे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई जनहित याचिका। मौनी अमावस्या पर बीते मंगलवार और बुधवार के मध्य की रात हुए भगदड़ हादसे को लेकर जहां शासन और प्रशासन स्तर पर तमाम व्यवस्थाएं की जा रही हैं तो दूसरी ओर इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है।
जनहित याचिका दाखिल करने वाले याचिकाकर्ता ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दे।
महाकुंभ में भगदड़ पर हुई जनहित याचिका का ब्योरा…
महाकुंभ जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकारों को निर्देश देने के साथ नीति और नियमन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। एक वकील ने यह जनहित याचिका दायर की है।
इसमें यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वीआईपी मूवमेंट से आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित न हो, उनके लिए कोई खतरा पैदा न हो और महाकुंभ में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अधिकतम स्थान उपलब्ध कराया जाए।
जनहित याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार को 29 जनवरी को महाकुंभ के दौरान हुई घटना पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और लापरवाही बरतने वाले व्यक्तियों, अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।

CM Yogi ने हादसे की जांच के लिए बनाया 3 सदस्यीय न्यायिक आयोग
बता दें कि महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर संगम त्रिवेणी में पुण्य स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब के दौरान मंगलवार-बुधवार के मध्य रात को मची भगदड़ में 30 की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की घटना की जांच न्यायिक आयोग करेगी। CM Yogi आदित्यनाथ के इस फैसले पर तुरंत यूपी सरकार की ओर से आयोग के आधिकारिक तौर पर गठन की घोषणा कर दी गई है।
साथ ही गुरूवार को CM Yogi ने अपने स्तर पर हादसे के असल वजहों की तलाश दो सदस्यीयस उच्च-स्तरीय टीम को मौके पर भेजा है। गुरूवार शाम तक यह टीम अपनी रिपोर्ट CM Yogi को सौंपेगी। CM Yogi की ओर से महाकुंभ में भगदड़ हादसे की जांच न्यायिक आयोग से कराने के आदेश के साथ ही पूरा तंत्र इस समय हरकत में है। CM Yogi के आदेश पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने न्यायिक आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हर्ष कुमार के नेतृत्व में न्यायिक आयोग गठित किया गया है। इसमें सेवानिवृत्त आईपीएस वीके गुप्ता (पूर्व डीजी) और सेवानिवृत्त आईएएस दिनेश कुमार सिंह सदस्य बनाए गए हैं। यह आयोग घटना के कारणों एवं परिस्थितियों का पता लगाएगा, जिनकी वजह से घटना हुई।
इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए अपने सुझाव भी देगा। आयोग एक माह में अपनी रिपोर्ट देगा। इसके अलावा पुलिस के स्तर से भी अलग जांच होगी ताकि हादसे के कारणों का पता लगाकर आगामी स्नानों की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।

महाकुंभ भगदड़ हादसे पर बोले CM Yogi – सवाल उठना स्वाभाविक…
महाकुंभ में हुए भगदड़ हादसे पर मीडिया से मुखातिब होते हुए CM Yogi जहां ब्योरा देने के क्रम में कई बार भावुक दिखे, वहीं उन्होंने हादसे से संंबंधित किसी भी पहलू पर सरकार के बचाव का प्रयास नहीं किया बल्कि सरकार के स्तर पर कहीं न कहीं रही कमी को भी खुलकर स्वीकारा।
CM Yogi ने इस दुखद घटना में मृत लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इससे पहले महाकुंभ हादसे के संबंध में मीडिया से मुखातिब हुए CM Yogi कई बार ब्योरा देने के क्रम में भावुक दिखे और आंखें सजल हो गई थीं।
CM Yogi ने कहा कि –‘… घटना दुखद और मर्माहत करने वाली है। …ये घटना सबक लेने वाली भी है। लिहाजा इसकी न्यायिक जांच कराई जाएगी ताकि पता लगाया जा सके कि आखिर इतनी सतर्कता के बाद हादसा कैसे हुआ।…दुर्भाग्य से इस दौरान जो घटनाएं हुईं, उन पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
हमने पहले से इतने श्रद्धालुओं के आने के बारे में रणनीति बनाई थी। एहतियात के तौर पर मंगलवार को कई विभागों के प्रमुख सचिव भी प्रयागराज भेजे थे। …यह हादसा भारी भीड़ के द्वारा अखाड़ा मार्ग के बैरिकेडिंग तोड़ने और उससे कूदकर जाने से हुआ, जिसमें 30 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है और 36 घायलों का इलाज जारी है।
…बीते मंगलवार शाम 7 बजे से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज जाकर स्नान कर रहे थे और तमाम श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त का इंतजार कर रहे थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा उसी दौरान अखाड़ा मार्ग स्थित संगम तट पर हुआ, जिसमें 90 से ज्यादा लोग गंभीर या सामान्य घायल हो गए।

…महाकुंभ का मुख्य स्नान होने की वजह से प्रयागराज में दबाव बहुत ज्यादा था। सभी मार्ग चोक थे। हादसे के बाद वहां अखाड़ों ने अमृत स्नान ब्रह्म मुहूर्त की जगह अपराह्न में शुरू किया। सभी अखाड़ों और संस्थाओं ने इसमें पूरा सहयोग किया। प्रयागराज में आज 8 करोड़ श्रद्धालुओं का दबाव था। आसपास के जिलों में भी होल्डिंग एरिया बनाकर लोगों को रोका गया था, जिन्हें अखाड़ों का स्नान संपन्न होने के बाद जाने दिया जा रहा है।
…कई मेला स्पेशल ट्रेनें चलाईं, जिनकी संख्या 300 से अधिक थी। 8 हजार से अधिक बसें चल रही हैं। हम बीते मंगलवार रात से ही मेला प्राधिकरण, प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के संपर्क में हैं। जितनी भी व्यवस्थाएं हो सकती थीं, उन सबको वहां तैनात किया गया था।
…हादसे के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू कर दिए और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पीएम समेत तमाम केंद्रीय मंत्रियों का सहयोग भी हमें मिलता रहा’।

















