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SC ST Reservation Update: SC में केंद्र का बड़ा बयान, एससी एसटी पर Creamy Layer लागू नहीं हो सकती

SC ST Reservation Update: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एससी और एसटी में OBC की तरह Creamy Layer लागू नहीं की जा सकती। आरक्षण का आधार सामाजिक और ऐतिहासिक पिछड़ापन है।


SC ST Reservation Update नई दिल्ल:केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की तरह क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता। सरकार ने कहा कि इन वर्गों को मिलने वाले आरक्षण का आधार केवल आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि उनका ऐतिहासिक, सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन है।

यह बात केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में उस याचिका की सुनवाई के दौरान कही, जिसमें एससी और एसटी आरक्षण के भीतर आय आधारित उप कोटा लागू करने की मांग की गई है।


Key Highlights

  • केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SC ST पर क्रीमी लेयर का विरोध किया।

  • कहा, एससी एसटी आरक्षण का आधार सामाजिक और ऐतिहासिक पिछड़ापन है।

  • केवल आय बढ़ने से भेदभाव और ऐतिहासिक वंचना समाप्त नहीं होती।

  • आरक्षण नीति में बदलाव का अधिकार संसद के पास है।

  • मामले में आय आधारित उप कोटा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई जारी।


SC ST Reservation Update:सामाजिक और ऐतिहासिक पिछड़ापन है आरक्षण का आधार

केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पहचान ऐतिहासिक भेदभाव, छुआछूत, सामाजिक बहिष्कार, सांस्कृतिक पहचान और लंबे समय तक चली वंचना के आधार पर की गई है।

सरकार का कहना है कि केवल किसी व्यक्ति या परिवार की आय बढ़ जाने से इन वर्गों के साथ होने वाला सामाजिक भेदभाव और ऐतिहासिक असमानता समाप्त नहीं हो जाती। इसलिए इन पर क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू करना उचित नहीं होगा।

SC ST Reservation Update:आरक्षण नीति में बदलाव संसद का अधिकार

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि आरक्षण नीति में किसी भी प्रकार का बदलाव करना संसद का अधिकार है, न कि न्यायपालिका का। सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 341, 342 और 342ए का हवाला देते हुए कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी की सूची तथा उनसे संबंधित प्रावधानों में संशोधन केवल संसद ही कर सकती है।

सरकार ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में एससी और एसटी आरक्षण के भीतर आय आधारित उप कोटा पर विचार किया जाता है, तो इसके लिए व्यापक सामाजिक और आर्थिक अध्ययन आवश्यक होगा। ऐसे में वर्तमान याचिका को खारिज किया जाना चाहिए।

SC ST Reservation Update:याचिका में क्या है मांग

वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि एससी और एसटी आरक्षण के भीतर भी आय आधारित उप कोटा लागू करने का निर्देश दिया जाए।

हालांकि केंद्र सरकार ने अपने जवाब में कहा कि क्रीमी लेयर का सिद्धांत फिलहाल केवल ओबीसी आरक्षण तक सीमित है और इस संबंध में पूर्व के कई न्यायिक फैसले भी यही स्थिति स्पष्ट करते हैं।

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