बड़ा तालाब की 36 एकड़ गायब जमीन की तलाश शुरू आज, Drone Survey से होगा अतिक्रमण चिह्नित

1842 में बने बड़ा तालाब की 36 एकड़ जमीन गायब, नगर निगम आज से मापी और ड्रोन सर्वे करेगा, अतिक्रमण पर नोटिस और कार्रवाई तय


 Drone Survey से होगा अतिक्रमण चिह्नित: रांची: नगर निगम ने ऐतिहासिक बड़ा तालाब की लगातार घटती जमीन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। तालाब का निर्माण वर्ष 1842 में 53 एकड़ क्षेत्रफल में कराया गया था, लेकिन वर्तमान में इसका दायरा सिमटकर मात्र 17 एकड़ रह गया है। यानी लगभग 36 एकड़ जमीन समय के साथ गायब हो चुकी है। अब इस गायब जमीन की खोज और अतिक्रमण की पहचान के लिए नगर निगम की विशेष टीम सोमवार से मैदान में उतर रही है।

 Drone Survey से होगा अतिक्रमण चिह्नित:मापी और ड्रोन सर्वे से होगी अतिक्रमण की पहचान

नगर निगम प्रशासक के निर्देश पर गठित टीम सबसे पहले तालाब की सीमा की मापी करेगी। इसके साथ ही ड्रोन सर्वे कराया जाएगा, ताकि वर्तमान स्थिति का सटीक आकलन हो सके। सर्वे के जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि तालाब की मूल जमीन पर कहां-कहां अतिक्रमण हुआ है और किस तरह के निर्माण मौजूद हैं। ड्रोन से ली गई तस्वीरों और नक्शों के आधार पर पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।


Key Highlights

  • 1842 में 53 एकड़ में बना बड़ा तालाब अब सिमटकर 17 एकड़ रह गया

  • करीब 36 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण की आशंका

  • नगर निगम आज से मापी और ड्रोन सर्वे शुरू करेगा

  • अवैध निर्माणों की वैधता और नक्शा पास होने की जांच होगी

  • नोटिस के बाद अतिक्रमण नहीं हटाने पर तोड़फोड़ तय


 Drone Survey से होगा अतिक्रमण चिह्नित:नक्शा पास कैसे हुआ, होगी वैधता की जांच

सर्वे के दौरान तालाब की जमीन पर बने मकान, दुकान और अन्य संरचनाओं की मापी की जाएगी। नगर निगम यह भी जांच करेगा कि इन निर्माणों के नक्शे किस आधार पर पास किए गए। यदि अवैध तरीके से नक्शा स्वीकृत हुआ है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी। जांच पूरी होने के बाद सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।

 Drone Survey से होगा अतिक्रमण चिह्नित:अतिक्रमण नहीं हटाया तो निगम करेगा बलपूर्वक कार्रवाई

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बाद यदि अतिक्रमणकारियों ने स्वयं निर्माण नहीं हटाया तो निगम बलपूर्वक तोड़फोड़ की कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही तालाब की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। गौरतलब है कि तालाब के किनारे सड़क बनने के बाद आसपास घर और दुकानें तेजी से बढ़ीं। पहले भी न्यायालय के आदेश पर मापी हुई थी, लेकिन केवल छिटपुट अतिक्रमण हटाकर मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

 


Highlights

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

167,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
685,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img