SIRB महिला जवान का दर्द- विभाग सुन लेता तो नहीं मरता मेरा बच्चा, देखें वीडियो

दुमका : SIRB महिला जवान का दर्द- एसआईआरबी (SIRB) की महिला जवान ने अपने विभाग पर

लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है.

दुमका के एक निजी नर्सिंग होम में सरोज बिरहोर नामक एक महिला अपने

मृत बच्चे की तस्वीर को लेकर रो रही हैं औऱ इसका दोषी होने का आरोप अपने ही

विभाग एसआईआरबी बटालियन (पहाड़िया बटालियन) पर लगा रही है.

सरोज दुमका स्थित एसआईआरबी जिसे पहाड़िया बटालियन भी कहते हैं उस में आरक्षी के पद पर कार्यरत है.

महिला आरक्षी ने बच्चे की मौत का आरोप विभागीय अधिकारी पर लगाया

तीन दिन पूर्व प्रीमेच्योर डिलीवरी में इसके गर्भ से मृत बच्चे को डॉक्टर ने ऑपरेशन कर निकाला है.

पहाड़िया बटालियन में कॉन्स्टेबल के रूप में कार्यरत सरोज़ बिरहोर ने

बच्चे की मौत का आरोप विभागीय अधिकारी पर लगाया है.

वहीं दुमका पुलिस अधीक्षक ने मामला को गिम्भीरता से लेते हुए एसआईआरबी (पहाड़िया बटालियन) के

एसआई दामोदर प्रसाद जो रांची में पदस्थापित हैं उन्हें निलंबित कर दिया है.

वही तीन कर्मियों पर जांच चल रही है.

सरोज बिरहोर ने बताई आपबीती

दरअसल पहाड़िया बटालियन रांची में पदस्थापित सरोज बिरहोर ने कहा कि मेरे बच्चे के मौत की वजह मेरे विभाग के अधिकारी हैं. वह अपनी आपबीती सुनाते हुए काह कि पिछले वर्ष मेरी शादी हुई. कुछ ही दिन बाद गर्भ ठहर गया, इसके बाद चिकित्सकों ने सावधानी से रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि मुझे दुमका से रांची ड्यूटी भेज दिया गया था. वहां मैं ड्यूटी करने के साथ लेडी डॉक्टर से इलाज़ भी करवा रही थी.

पिछले माह एक मार्च को अधिकारियों ने मेरा रांची से दुमका के लिए कमान काट दिया. मैंने उनसे कहा कि मेरा पहले भी एक बच्चा खराब हो गया है, मैं दोबारा मां बनने वाली हूं. मेरी स्थिति काफी खराब है. मेरा सातवें माह का गर्भ है. चिकित्सक लम्बी दूरी की यात्रा करने से मना किये हुए हैं. मैंने अपना मेडिकल रिपोर्ट भी उन्हें दिखाया और कहा कृपया मुझे 2 महीने यही रहने दें. लेकिन उन्होंने एक न सुनी और कहा कि अगर आप नहीं जाऐंगे तो नौकरी में खतरा आ जाएगा.

दुमका नहीं भेजा गया होता तो जीवित रहता मेरा बच्चा

महिला आरक्षी ने कहा कि नौकरी के खतरे की बात सुनकर मैं लंबी दूरी तय कर रांची से दुमका पहुंची. उसके बाद से ही मेरी स्थिति खराब रहने लगी. सरोज़ बताती है मेरी तबीयत जब बिगड़ गया तो मैं अस्पताल में भर्ती हुई. जहां डॉक्टर ने मेरे बच्चे को मृत घोषित कर दिया. 19 अप्रैल को ऑपरेशन कर मृत बच्चे को बाहर निकाला गया. वह कहती है अगर मुझे रांची से दुमका नहीं भेजा गया होता तो शायद मेरी यह स्थिति नहीं होती और मेरा बच्चा जीवित रहता.

एसआई दामोदर प्रसाद निलंबित

वहीं सरोज बिरहोर के पति सूरज देवगम जो राउरकेला में काम करते हैं उनका कहना है कि बच्चे आने की काफी खुशी थी, लेकिन यह गम में बदल गया. सरोज का इलाज करने वाले डॉक्टर सुमन कुमार का कहना है कि सरोज की स्थिति काफी गंभीर थी. उन्होंने कहा कि केस हिस्ट्री के अनुसार पहले भी सरोज का गर्भपात हो चुका था तो उन्हें सावधानियां बरतनी थी. लंबी दूरी की यात्रा करने से इन्हें बचना चाहिए था. वही मामले की गंभीरता को देखते हुए दुमका एसपी अम्बर लकड़ा जो एसआईआरबी दुमका के समादेष्टा के प्रभार में हैं उन्होंने रांची में पदस्थापित एसआईआरबी के एसआई दामोदर प्रसाद को निलंबित कर दिया है और मामले के जांच की जा रही है.

रिपोर्ट: आशिष

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