रांची: रांची नगर निगम के 2300 से अधिक सफाईकर्मियों, वाहन चालकों, सुपरवाइज़रों और अन्य कर्मचारियों अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। इस हड़ताल के परिणामस्वरूप, रांची के लगभग 2.25 लाख घरों से कचरा उठाने का काम रुक गया है। पूरे शहर में कचरे के ढेर लग गए हैं, और सड़कों और नालियों में 700 मीट्रिक टन कचरा फैल गया है।
हड़ताल के कारण, नगर निगम की ओर से कचरा उठाने वाले वाहन मोहल्लों में नहीं पहुंचे, जिससे नागरिकों को अपने घरों का कचरा सड़क और नालियों में डालने के लिए मजबूर होना पड़ा। सबसे गंभीर स्थिति उन क्षेत्रों में देखी जा रही है जहां नालियों और सड़कों की सफाई नहीं हुई है। शहर के 53 वार्ड में किसी भी जगह झाड़ू नहीं चली है और साफ-सफाई का कोई काम नहीं हुआ है।
इसके अलावा, हड़ताल के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। विशेषकर जयप्रकाश नगर और रातू रोड के मोहल्लों में जहां पाइपलाइनें पहले से ही क्षतिग्रस्त हैं, लोग टैंकर के भरोसे रहते हैं। सोमवार को पानी का टैंकर न पहुंचने से इन क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
सफाई मजदूर संघ के आह्वान पर हड़ताल पर गए कर्मचारी नागाबाबा खटाल परिसर में एकत्र हुए और हड़ताल पर बने रहने की घोषणा की। नगर निगम प्रशासक संदीप सिंह से संघ के प्रतिनिधियों की बातचीत भी बेनतीजा रही, जिसके बाद कर्मियों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।


















