लिम्का बुक के रिकॉर्ड धारी ने किया दावा
हजारीबाग: झारखंड का राजकीय वृक्ष के रूप में साल पेड़ को जाना जाता है । बताते चले की झारखंड के अधिकांश जिले में साल यानी सखुआ के पेड़ पाए जाते हैं। हालांकि इस पेड़ के कई औषधीय गुण भी हैं ।
बताते चले की सबसे हजारीबाग का सबसे बड़ा और सबसे ऊंचा साल का पेड़ का खोज दो पर्यावरणविद मृत्युंजय शर्मा और डॉ विनोद माइकल ने किया है।
इनका मानना है कि यह सभी जंगल, पर्यावरण पर हमेशा रिसर्च किया करते हैं। और विगत कुछ वर्ष पहले ही पर्यावरण विद् मृत्युंजय शर्मा ने एक सबसे बड़ी दिमक की खोज में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज करवा चुके हैं। लेकिन आज तक इन्होंने इतनी बड़ी साल का वृक्ष नहीं देखा था।
हालांकि इसकी उन्होंने नापी की तो पेड़ का गोलाई 14 फीट और लंबाई तकरीबन 70 फीट नापा गया है और इसकी आयु लगभग 200 वर्ष से भी अधिक आंकी जा रही है । उन्होंने कहा है कि झारखंड में यह साल का पेड़ दूसरे या तीसरे सबसे बड़ा पेड़ में आंका जा सकता है ।
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