महाकुंभ 2025 में काशी के संतों की अखाड़ों के साथ होगी अहम बैठक

डिजिटल डेस्क। महाकुंभ 2025 में काशी के संतों की अखाड़ों के साथ होगी अहम बैठक। प्रयागराज में अगले माह होने वाले महाकुंभ 2025 के आयोजन को लेकर यूपी सरकार वृहद स्तर पर भव्य आयोजन की तैयारी में जुटी है।

इस बीच संतों और अखाड़ों के बीच से बीच काफी अहम सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में पधारे विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारियों के साथ के काशी के संत समाज की अहम बैठक होगी।

महाकुंभ 2025 – अहम बैठक में विलुप्त मंदिरों की तलाश पर होगी चर्चा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान अखांड़ों और काशी के संतों के बीच होने वाली अहम बैठक में विलुप्त मंदिरों की तलाश और तौरतरीकों पर वार्ता होने की संभावना है।

बता दें कि इस समय देश में विलुप्त मंदिरों की तलाश को लेकर हंगामे की घटनाओं ने लोगों का ध्यान आकृष्ट कर रखा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने दो दिनों पहले महाराष्ट्र के पुणे में हर दूसरे धर्मस्थान में हिंदू मंदिर की तलाश की आड़ में हिंदू नेता बनने का दिखावा करने वालों को आड़े हाथ लिया था। डॉ़. भागवत के विचार और बयान का अधिकतर दलों ने समर्थन किया है।

काशी विद्वत परिषद के पुरोधा सदस्यों संग पीएम मोदी की फाइल फोटो
काशी विद्वत परिषद के पुरोधा सदस्यों संग पीएम मोदी की फाइल फोटो

महाकुंभ 2025 : 17 जनवरी को प्रयागराज में होगी काशी के संतों की अखाड़ों संग बैठक

काशी विद्वत परिषद की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है। काशी विद्वत परिषद 17 जनवरी को सनातन संस्कृति के सभी मतों और सम्प्रदायों के प्रमुखों और अखाड़ा परिषद के साथ महाकुंभ में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है।

17 जनवरी को महाकुंभ में होने वाली बैठक में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष समेत सभी आचार्य महामंडलेश्वर और महामंडलेश्वर शामिल होंगे.।इस दौरान शैव एवं वैष्णव दोनों ही मत के सभी सम्प्रदायों के प्रमुख भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे।

बैठक में काशी की गलियों में पौराणिक मंदिर जो किसी के मकान के अंदर हैं, छुपे हुए हैं या विलुप्त हो चुके हैं उन मंदिरों के बारे में बात होगी और उनकी मुक्ति के लिए अभियान चलाया जाएगा। बैठक में उन मंदिरों को आवश्यकता अनुसार खरीदने की भी व्यवस्था के बारे में बात होगी।

साथ ही जिनके नियंत्रण में ये मंदिर हैं उन लोगों से मंदिरों को स्वेच्छा से छोड़ने का आग्रह भी किया जाएगा। इसके लिए प्राचीन मंदिर मुक्ति कोष की स्थापना पर भी सहमति के प्रयास किए जाएंगे।

काशी विद्वत परिषद की फाइल फोटो
काशी विद्वत परिषद की फाइल फोटो

काशी की गलियों में मिलने वाले मंदिरों के स्थलीय निरीक्षण को प्रतिनिधि मंडल भेजेगा विद्वत परिषद

बताया जा रहा है कि काशी विद्वत परिषद काशी की गलियों में मिलने वाले मंदिरों के स्थलीय निरीक्षण के लिए भी प्रतिनिधि मंडल भेजने वाला है। ये प्रतिनिधिमंडल काशी खण्डोक्त मंदिरों की जानकारी जुटाएंगे।

विद्वत परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री प्रोफेसर राम नारायण द्विवेदी ने कहा कि –‘ …ऐसे मिलने वाले सभी मंदिरों की मुक्ति के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति से लेकर राग भोग की व्यवस्था भी विद्वत परिषद शास्त्र सम्मत तरीके से करेगा। मिलने वाले मंदिरों के जीर्णोद्धार और आवश्यकता पड़ने पर प्रतिमाओं और शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा भी श्री काशी विद्वत परिषद ही कराएगा’। 

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