पटना : राज्य सरकार नई चीनी मिलों को खोलने के लिए हर तरह से निवेशकों को प्रोत्साहित कर रही है। इन्हें लुभाने के लिए कई खास योजनाएं शुरू की गई हैं। नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए गन्ना उद्योग विभाग और बिहार राज्य चीनी निगम की उपलब्ध भूमि एक रुपए की टोकन राशि पर 30 वर्षों के लिए 40 एकड़ तक की जमीन लीज पर दी जाएगी। ऐसे कई खास प्रावधान बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 में किए गए हैं, जिसकी मंजूरी हाल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दी गई। यह नीति गन्ना उद्योग में निवेश का नया अध्याय मानी जा रही है। इससे संबंधित विस्तृत जानकारी गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने गुरुवार को दी। वे विकास भवन सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
नई नीति में 5 हजार TCD क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर निवेशकों को 5 वर्षों में 100 करोड़ तक का अनुदान देने का भी प्रावधान है – मंत्री संजय कुमार
इस मौके पर मंत्री संजय कुमार ने बताया कि चीनी मिल के लिए भूमि क्रय पर निबंधन शुल्क एवं स्टांप शुल्क की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति व उत्पादित चीनी पर पांच वर्षों तक एसजीएसटी की पूर्ण प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इस नई नीति में पांच हजार टोटल क्रस प्रतिदिन (TCD) क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर निवेशकों को पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपए तक का अनुदान देने का भी प्रावधान है। वहीं, 3500 टीसीडी क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर 70 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। कार्यरत चीनी मिलों की क्षमता में न्यूनतम एक हजार टीसीडी विस्तार पर 15 करोड़ रुपए और उससे अधिक विस्तार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मंत्री ने कहा- डिस्टीलरी व इथेनॉल इकाइयों की स्थापना व क्षमता विस्तार के लिए प्लांट और मशीनरी निवेश पर अनुदान
मंत्री ने कहा कि डिस्टीलरी एवं इथेनॉल इकाइयों की स्थापना और क्षमता विस्तार के लिए प्लांट एवं मशीनरी निवेश पर अनुदान, ब्याज सहायता और इथेनॉल पर एसजीएसटी की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी। सह-विद्युत उत्पादन परियोजनाओं और सीबीजी संयंत्रों को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। जिससे बिहार हरित ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह नीति गन्ना उद्योग में निवेश का नया अध्याय है। यह देश में अपनी तरह की पहली व्यापक पहल है, जो बिहार की गन्ना क्रांति की ऐतिहासिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। चीनी उद्योग के क्षेत्र में बिहार की एक समृद्ध पहचान रही है। अब यह नीति इस गौरवशाली परंपरा को आधुनिक औद्योगिक विकास से जोड़कर आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

गन्ना मंत्री संजय कुमार ने कहा- बिहार देश का पहला राज्य है जिसने मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स की अवधारणा को बढ़ावा दिया है
गन्ना मंत्री संजय कुमार ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने मॉडर्न शुगर कॉम्प्लेक्स की अवधारणा को बढ़ावा दिया है। इसमें चीनी मिल के साथ ही डिस्टीलरी, इथेनॉल उत्पादन और विद्युत उत्पादन तथा कॉम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकाइयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार के लिए एक समेकित व्यवस्था की गई है। यह नीति राज्य में नई गन्ना क्रांति का आधार बनेगी और बिहार की ऐतिहासिक चीनी उद्योग विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

‘मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सात निश्चय-3 के अंतर्गत राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार के साथ-साथ 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है’
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सात निश्चय-3 के अंतर्गत राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार के साथ-साथ 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और बिहार फिर से देश के अग्रणी गन्ना, चीनी, इथेनॉल और हरित ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। इस मौके पर विभागीय सचिव धर्मेंद्र सिंह, ईख आयुक्त अनिल कुमार झा और संयुक्त ईख आयुक्त वेदव्रत आदि मौजूद थे।

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