व्हाट्सएप के नाम पर फैल रहा फर्जी क्लोन ऐप, Meta ने जारी की चेतावनी, यूजर्स का डेटा चोरी और जासूसी का खतरा बढ़ा।
WhatsApp Scam Alert रांची: दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की पेरेंट कंपनी Meta ने करोड़ों यूजर्स के लिए गंभीर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। कंपनी के अनुसार इंटरनेट पर व्हाट्सएप का एक फर्जी क्लोन तेजी से फैल रहा है, जो दिखने में बिल्कुल असली ऐप जैसा लगता है, लेकिन असल में यह एक खतरनाक स्पाइवेयर है।
WhatsApp Scam Alert: कैसे काम करता है यह डिजिटल स्कैम
मेटा की सुरक्षा टीम के अनुसार यह नकली ऐप यूजर्स को लुभाने के लिए कई आकर्षक फीचर्स का लालच देता है, जैसे डिलीट मैसेज पढ़ना, बड़ी फाइल भेजना और कस्टम थीम। जालसाज इसे व्हाट्सएप का “प्रो” या “गोल्ड” वर्जन बताकर लिंक के जरिए फैलाते हैं। इंस्टॉल होते ही यह यूजर के फोन में घुसकर कॉन्टैक्ट्स, गैलरी, कॉल लॉग और लोकेशन तक का एक्सेस ले लेता है।
Key Highlights
व्हाट्सएप का फर्जी क्लोन ऐप तेजी से फैल रहा
Meta ने डेटा चोरी और जासूसी का खतरा बताया
ऐप इंस्टॉल होते ही फोन का पूरा एक्सेस लेता है
कैमरा और माइक्रोफोन भी हैक हो सकता है
केवल आधिकारिक स्टोर से ऐप डाउनलोड करने की सलाह
WhatsApp Scam Alert: फोन का कैमरा-माइक भी हो सकता है कंट्रोल
इस स्पाइवेयर की सबसे खतरनाक बात यह है कि हैकर्स दूर बैठकर यूजर के फोन के कैमरा और माइक्रोफोन को भी कंट्रोल कर सकते हैं। इससे निजी बातचीत और गतिविधियों की जासूसी की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार इस साजिश के पीछे इटली की सर्विलांस फर्म SIO का हाथ बताया जा रहा है।
WhatsApp Scam Alert: सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये उपाय
मेटा ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे Google Play Store और Apple App Store से ही ऐप डाउनलोड करें। किसी भी अनजान वेबसाइट, टेलीग्राम चैनल या मैसेज में मिले APK लिंक पर क्लिक करने से बचें। साथ ही फोन की “इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्स” सेटिंग को बंद रखें।
टेक विशेषज्ञों के अनुसार, थर्ड पार्टी या मॉडिफाइड ऐप्स जैसे जीबी व्हाट्सएप या व्हाट्सएप प्लस का इस्तेमाल करना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। ऐसे ऐप्स मिलने पर उन्हें तुरंत अनइंस्टॉल कर देना चाहिए।
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