विकास की राह का वाहक बन रहा ‘महिला संवाद’

पटना : बिहार में आयोजित हो रहे ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम के 12वें दिन 534 प्रखंडों में 12 हजार 500 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। इसमें अब तक करीब 25 लाख ग्रामीण महिलाएं शिरकत कर चुकी हैं। महिला संवाद कार्यक्रम सरकार के साथ महिलाओं के सीधे संवाद का अनूठा माध्यम है। इसमें जहां महिला सशक्तीकरण संबंधी योजनाओं की जानकारी महिलाओं के साथ साझा किया जाता है। वहीं इन योजनाओं के लाभुक अपने अनुभवों को अन्य महिलाओं एवं युवतियों के साथ साझा कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाएं अपने सपनों और जो आकांक्षाएं हैं। उसको खुलकर मंच पर रख रही हैं। इस मंच के माध्यम से महिलाएं जहां अपनी समस्याओं को उजागर कर रही हैं। वहीं विकास की संभावनाओं को भी तलाश रही हैं। साथ ही महिलाएं अपनी अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को सरकार तक सीधे पहुंचा रही हैं।

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महिला संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित हैं अलग-अलग गतिविधियां

कार्यक्रम के दौरान महिला संवाद जागरूकता वाहन के डिजिटल स्क्रीन पर लोक कल्याणकारी योजनाओं की सफलता पर आधारित तीन फिल्में प्रदर्शित की जाती हैं। फिल्मों में राज्य सरकार की तरफ से क्रियान्वित महिला आरक्षण, बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका), नशामुक्ति अभियान, बाल-विवाह, मुख्यमंत्री मेधावृति योजना, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना, मुख्यमंत्री बालिका साईकिल योजना, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, सतत् जीविकोपार्जन योजना, लक्ष्मी बाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाईन आदि को प्रदर्शित किया गया। महिलाओं को जागरुक करने के लिए लीफलेट का वितरण किया गया। इसके अलावे महिलाओं के बीच मुख्यमंत्री की तरफ से सूबे की माताओं/बहनों को संबोधित पत्र का भी वितरण किया गया।

महिला समाज के हित के लिए महिलाओं की मांग

बिहार के विकास में आधी आबादी ने बड़ी भूमिका निभाई है। वहीं कई ऐसी मांगों को भी रख रही हैं, जिससे महिला सशक्तीकरण की राह सुलभ हो सकें। इस कार्यक्रम में महिलाएं अपने गांव के विकास के लिए अपनी इच्छा और आकांक्षाओं को भी सूचीबद्ध करा रही हैं।

70,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित हो रहा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 18 अप्रैल 2025 को पटना में बटन दबाकर ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम के जरिए राज्यभर में मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संकल्प के साथ विकास के सिद्धांतों पर निरंतर जन-कल्याण का कार्य किया जा रहा है। इसका आयोजन सूबे के 70 हजार से अधिक स्थानों पर किया जाना है, जिसमें लगभग दो करोड़ से अधिक महिलाएं भाग लेंगी।

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महिला संवाद कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा बताई गई अपेक्षाएं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्हें स्वावलंबी भी बना रहे हैं। ऐसे में महिला संवाद कार्यक्रम भी महिलाओं के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है। संवाद कार्यक्रम के दौरान महिलाएं स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, आधारभूत संरचनाओं का विकास, पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी, उच्च शिक्षा का विकास, जीविका के ग्राम संगठन भवन का निर्माण, प्रत्येक पंचायत में सिलाई घर, महिला सुरक्षा हेतु महिला थाना, यातायात व्यवस्था में सुधार, सार्वजनिक स्थानों पर सामुदायिक शौचालय, सामुदायिक विवाह भवन, महिला बैंक, पिंक ऑटो सेवा, खेल मैदान एवं पार्क, पंचायत स्तरीय पुस्तकालय का निर्माण, महिलाओं द्वारा स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं के लिए बिक्री केंद्र/हाट आदि से संबंधित विकासोन्नमुख कार्यों को अपनी आकांक्षाओं और अपेक्षा के रूप में प्रमुखता से रख रही हैं।

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