TRE-4 के तहत आवासीय विद्यालयों में 478 शिक्षकों की होगी बहाली 

पटना : पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग बिहार सरकार द्वारा आज सूचना भवन स्थित ‘संवाद कक्ष’ में दोपहर 12:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेसवार्ता की अध्यक्षता विभाग की मंत्री रमा निषाद ने की। इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) के सेंथिल कुमार सहित विभाग के अन्य सभी वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतियों को व्यापक स्तर पर कवर करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और न्यू-एज (डिजिटल) मीडिया के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रेसवार्ता का शुभारंभ मंत्री रमा निषाद द्वारा सभी मीडियाकर्मियों के स्वागत के साथ हुआ

प्रेसवार्ता का शुभारंभ मंत्री रमा निषाद द्वारा सभी मीडियाकर्मियों के स्वागत के साथ हुआ। जिसके पश्चात उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की सफलताओं और वित्तीय वर्ष 2026-27 के विज़न का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। मंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए विभाग की प्रमुख जन कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तृत एवं अद्यतन आंकड़े प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), पटना एवं संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु क्रमशः 50 हजार एवं एक लाख रुपए की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 से इस योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है

वित्तीय वर्ष 2023-24 से इस योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब यीपीएससी द्वारा आयोजित IES, ISS, CAPF, CDS, NDA/NA, अन्य राज्यों की सिविल सेवा परीक्षा, बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा, इसके अतिरिक्त RBI Grade-B, SBI व IBPS PO, LIC (AAO), कर्मचारी चयन आयोग (SSC CGL) व रेलवे भर्ती बोर्ड की स्नातक एवं तकनीकी स्तरीय प्रारंभिक परीक्षाओं को भी इसमें शामिल कर 30 हजार से एक लाख रुपए तक की एकमुश्त सहायता दी जा रही है। इस योजना के तहत अबतक कुल 9,224 अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। हाल ही में घोषित 70वीं बीपीएससी परीक्षा के अंतिम परिणाम में योजना के कुल 2,095 लाभुकों में से 101 अभ्यर्थियों ने अंतिम रूप से सफलता प्राप्त कर राज्य का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना

राज्य के सरकारी व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा-1 से X तक अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए इस योजना का संचालन शिक्षा विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति की वार्षिक दरों को दोगुना कर दिया है। कक्षा-I से IV तक: पहले 600 रुपए अब 1,200 रुपए, कक्षा-V से VI तक पहले 1,200  अब 2,400 रुपए, कक्षा-VII से X तक: पहले 1,800  अब 3,600 रुपए और कक्षा-I से X तक (छात्रावासी छात्रों हेतु): पहले 3,000 अब छह हजार रुपए मिलेंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत कुल 57,16,599 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित  किया गया है।

मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना

मैट्रिक के बाद (कक्षा 11वीं, उच्चतर कक्षाओं, डिप्लोमा, डिग्री, मेडिकल, इंजीनियरिंग व प्रबंधन आदि कोर्स) देश और राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थानों में पढ़ने वाले पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए इसका संचालन किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 5,37,726 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना 

इसके तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने वाले अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपए की एकमुश्त राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके तहत 1,19,327 लाभार्थियों को राशि वितरित की गई है।

मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना 

प्रथम श्रेणी से 10वीं उत्तीर्ण करने वाले पिछड़ा वर्ग के  छात्रों को 10 हजार रुपए दिए जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके तहत 76,727 छात्रों को लाभान्वित किया गया है।

प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण योजना

राज्य के पिछड़े एवं अत्यंत पिछड़े वर्ग के युवाओं को यूपीएससी, बीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और पुलिस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराने हेतु राज्य के 36 जिलों में 38 प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के तहत नामांकित छात्र-छात्राओं को अध्ययन सामग्री खरीदने के लिए तीन हजार रुपए की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रत्येक केंद्र पर प्रति सत्र 60-60 की छात्र क्षमता वाले दो बैच चलाए जा रहे हैं। इसमें एक बैच यूपीएससी/बीपीएससी की तैयारी के लिए व दूसरा बैच एसएससी/रेलवे/बैंकिंग व अन्य परीक्षाओं के लिए होता है। आवश्यकतानुसार, यदि किसी एक बैच में पर्याप्त सीटें नहीं भर पाती हैं तो यूपीएससी/बीपीएससी बैच के छात्रों को एसएससी/रेलवे बैच में या इसके विपरीत समायोजित करने का प्रावधान है। वर्तमान में केंद्रों पर क्षमता (4560) के विरुद्ध 4,100 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं।

मुख्यमंत्री व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्शन एवं उत्प्रेरण योजना

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की प्रबंधन, विधि तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक पदों पर भागीदारी बढ़ाने हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 से इसकी शुरुआत की गई है। इसके तहत छात्रों को पाठ्य सामग्री हेतु तीन हजार रुपए की सहायता दी जाती है। वर्तमान में राज्य में स्वीकृत कुल 10 केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनमें चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान (CIMP) पटना और ललित नारायण मिश्र संस्थान (LNMI) पटना में CAT/MAT की तैयारी, चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (CNLU) में CLAT और न्यायिक सेवाओं की तैयारी व राज्य के पांच विभिन्न विश्वविद्यालयों में NET, GATE, JRF (CSIR), Ph.D और M.Phil की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। वर्तमान में कुल 1200 सीटों की क्षमता के विरुद्ध 1,025 छात्र-छात्राएं इसका लाभ ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कौशल विकास प्रशिक्षण योजना

यह कार्यक्रम बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) के दिशा-निर्देशन में विभिन्न तकनीकी व व्यावसायिक क्षेत्रों जैसे- इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, आईटी , अपैरल (वस्त्र निर्माण), ब्यूटी एंड वैलनेस तथा रिटेल सेक्टर के अंतर्गत रोजगारपरक प्रशिक्षण देने हेतु संचालित है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर मार्च 2026 तक इस योजना के तहत कुल 5,413 प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में राज्य के 9 प्रमुख केंद्रों (भागलपुर, मुंगेर, गोपालगंज, पूर्णिया, रोहतास, कटिहार और दरभंगा) में कुल 370 प्रशिक्षणार्थियों का कौशल विकास प्रशिक्षण संचालित हो रहा है।

जननायक कर्पूरी ठाकुर और अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में केवल वही छात्र-छात्राएं प्रवेश के पात्र हैं जिन्होंने अपनी 10वीं की पढ़ाई पूरी कर ली है

जननायक कर्पूरी ठाकुर और अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में केवल वही छात्र-छात्राएं प्रवेश के पात्र हैं जिन्होंने अपनी 10वीं की पढ़ाई पूरी कर ली है और उच्चतर कक्षाओं या कॉलेजों में नियमित नामांकन लिया है। छात्रावासों में पूरी पारदर्शिता के साथ दाखिला सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद अंतिम चयन जिला स्तर पर गठित ‘छात्रावास नामांकन समिति’ द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिले के उप विकास आयुक्त करते हैं। एक जनवरी 2026 से इन छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की मासिक अनुदान राशि को एक हजार से बढ़ाकर दो हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है और साथ ही 15 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न (9 किग्रा चावल एवं 6 किग्रा गेहूं) भी दिया जा रहा है।

TRE-4 के तहत शिक्षक बहाली 

विभाग द्वारा संचालित ‘अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों’ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए TRE-4 के अंतर्गत कुल 478 रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना भेजी गई है। इसमें उच्च माध्यमिक शिक्षक (PGT) के 230 पद, माध्यमिक शिक्षक (TGT) के 129 पद, प्रारंभिक शिक्षक (कक्षा 6-8) के 103 पद और प्रधानाध्यापक के 16 पद शामिल हैं।

जल्द ही ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अभ्युदय योजना’ की शुरुआत की जाएगी – मंत्री रमा निषाद

मंत्री रमा निषाद ने विभाग के आगामी विज़न को साझा करते हुए बताया कि पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं के उच्च स्तरीय करियर निर्माण हेतु जल्द ही ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अभ्युदय योजना’ की शुरुआत की जाएगी, जिसमें विख्यात संस्थानों के माध्यम से JEE/NEET, CLAT, NIFT और विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय अनुदान के विशेष कंपोनेंट शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, अनुमंडल स्तर पर छात्राओं के लिए 520 आसन क्षमता के और जिला व अनुमंडल स्तर पर छात्रों के लिए 720 आसन क्षमता के नए आवासीय विद्यालयों के निर्माण और छात्रावास के विद्यार्थियों को 50 हजार रुपए तक का नया लैपटॉप देने की दिशा में भी सरकार अग्रसर है।

मंत्री के संबोधन के उपरांत उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा विभाग की योजनाओं, आगामी शिक्षक नियुक्तियों को लेकर कई सवाल पूछे गए

मंत्री के संबोधन के उपरांत उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा विभाग की योजनाओं, आगामी शिक्षक नियुक्तियों को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनका माननीया मंत्री श्रीमती रमा निषाद और अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार ने बिंदुवार व तथ्यपरक उत्तर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन सभी उपस्थित मीडिया बंधुओं और पदाधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

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