रांची: गीता कोड़ा को बंधक बनाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में जेएमएम का जवाब आया है.
जेएमएम की ओर से मनोज पांडे ने न्यूज़ 22 स्कोप से बातचीत करते हुए कहा कि जब व्यक्ति का जनाधार खत्म हो जाता है तब उसकी मानसिकता भी गड़बड़ा जाती है.
बीते 5 सालों में गीता कोड़ा कहां थी वहां की जनता उनसे यही सवाल कर रही थी इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ गीता कोड़ा के समर्थकों द्वारा बद्तमीजी की गई जिससे मामला बढ़ गया.
गीता कोड़ा के समर्थकों द्वारा आदिवासियों के तीर धनुष को इस दौरान तोड़ा गया उनके साथ बतमीजी की गई यह गीता कोड़ा के समर्थकों द्वारा स्थानियों का अपमान था इसके बाद मामला बढ़ता चला गया.
न्यूज़ 22 स्कोप के द्वारा जब मनोज पांडे से यह पूछा गया कि जनप्रतिनिधि किसी भी जगह पर जा सकते हैं लेकिन सरायकेला के मोहनपुर के गम्हरिया प्रखंड में जनप्रतिनिधियों को जाने के लिए क्या ग्राम पंचायत की अनुमति लेनी होगी.
इस सवाल के जवाब में मनोज पांडे ने कहा कि झारखंड आदिवासियों का राज्य है यहां सदियों से कुछ परंपराएं चलती आ रही हैं उसमें से एक परंपरा यह भी है अगर हम इन परंपराओं का पालन करेंगे तो कुछ होने वाला नहीं है.
घटना के दौरान स्थानीय लोगों के साथ गीता कोड़ा के समर्थकों द्वारा गलत तरीके से व्यवहार किया गया इसके बाद मामला बिगड़ गया,मामले में दोनों तरफ से प्राथमिकी दर्ज की गई है कानून अपना काम करेगा लेकिन हमें स्थानीय का सम्मान करना चाहिए.
गीता कोड़ा अगर स्थानीय लोगों से माफी मांग लेती है तो किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। मनोज पांडे ने आगे कहा कि माफी मांगने से कोई व्यक्ति छोटा नहीं होता.


















