रांची: पश्चिम बंगाल से झारखंड में आलू की आपूर्ति लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी ठप रही, जिससे राज्य में आलू की कीमतों में 5-10 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हो गई है। अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो कीमतें और बढ़ सकती हैं। बंगाल सरकार ने बुधवार से आलू लदे ट्रकों के झारखंड में प्रवेश पर रोक लगा दी है, जिसके कारण NH-19 पर बॉर्डर के पास लगभग 30 किमी तक ट्रक खड़े हैं। बंगाल पुलिस ट्रकों को रोककर वापस मंडियों में भेज रही है।
आमतौर पर रांची के पंडरा बाजार में बंगाल से रोजाना 20 ट्रक और यूपी से 5 ट्रक आलू आते हैं, लेकिन शुक्रवार को बंगाल से एक भी ट्रक नहीं पहुंचा। धनबाद की मंडियों में भी स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। पंडरा मंडी में आलू 200 रुपए प्रति क्विंटल अधिक भाव पर बिका, जो 2500 रुपए से बढ़कर 2700 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।
थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष मदन साहू ने बताया कि बंगाल से सप्लाई न होने पर शनिवार को भाव में और 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि हो सकती है। इस वर्ष बारिश के कारण झारखंड में लोकल आलू का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है, और अभी बाजार में केवल 300-400 क्विंटल लोकल आलू ही पहुंच रहा है।
अगर बंगाल ने आपूर्ति रोकने का निर्णय जल्द नहीं बदला, तो झारखंड में आलू की भारी किल्लत हो सकती है। अगले 15 दिनों तक स्थिति में सुधार की संभावना कम है, जिससे बाजार में संकट और गहरा सकता है।


















