रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के शैक्षणिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए हाईस्कूल (कक्षा 9 से 10) और प्लस टू (कक्षा 11 से 12) विद्यालयों में शिक्षकों की संयुक्त नियुक्ति का निर्णय लिया है। इसके तहत अब नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के लिए एक ही शिक्षक कैडर बनाया गया है, जिसे “माध्यमिक आचार्य” के नाम से जाना जायेगा।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा तैयार नई नियमावली को राज्य कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। इस बदलाव के साथ ही शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में कंप्यूटर की सामान्य जानकारी अनिवार्य कर दी गई है। अब तक हाईस्कूल और प्लस टू स्कूलों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति अलग-अलग होती थी, लेकिन अब ये प्रक्रिया एकीकृत हो गई है।
आरक्षण और चयन प्रक्रिया की प्रमुख बातें:
20% पद सरकारी मध्य/उत्क्रमित मध्य विद्यालयों में कम-से-कम 5 वर्ष तक कार्यरत स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों के लिए आरक्षित होंगे।
80% पद सीधी नियुक्ति के माध्यम से भरे जाएंगे।
यदि आरक्षित पद नहीं भरते हैं तो वे पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।
परीक्षा दो चरणों में होगी:
पहला पत्र (200 अंक): सामान्य ज्ञान (जिसमें कंप्यूटर ऑपरेशन भी शामिल), हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा — यह क्वालिफाइंग होगा और इसमें 33% अंक अनिवार्य हैं।
दूसरा पत्र (300 अंक): विषय आधारित — मेरिट इसी पर आधारित होगी।
प्रश्न पत्र स्नातकोत्तर स्तर का होगा।
कुल 500 अंक की परीक्षा में सामान्य अभ्यर्थी को 50% अंक और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 45% अंक न्यूनतम आवश्यक होंगे।
आयु सीमा की गणना:
उस वर्ष 1 अगस्त को आयु की गणना होगी, जिस वर्ष विज्ञापन निकलेगा।
न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है।
अधिकतम आयु सीमा सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार होगी।
आवेदन प्रक्रिया:
नियुक्ति के लिए आवेदन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आमंत्रित किए जाएंगे।


















