रांची. सीयूजे के सुदूर पूर्व भाषा- कोरियन विभाग के सात विद्यार्थियों का सैमसंग एसडीएस के प्रतिष्ठित पेड-इंटर्नशिप सह पूर्णकालिक नौकरी (paid internship-cum-full-time job) कार्यक्रम में चयन हुआ। प्रथम चरण में सीयूजे के साथ विद्यार्थियों का चयन किया गया है। द्वितीय चरण में सात और विद्यार्थियों की साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया चल रही है।
विभाग के प्लेसमेंट अधिकारी, मुकेश कुमार ने बताया कि सैमसंग के इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को दो महीने के लिए पेड-इंटर्नशिप कराया जाएगा, जिसके बाद उन्हें पूर्णकालिक तौर पर नौकरी भी दी जाएगी। जिन विद्यार्थियों का चयन हुआ है उनके नाम हैं – कोमल कुमारी, पूर्णिमा कुमारी, सृष्टि विश्वकर्मा, स्वाति कुमारी, अमृता कैथरिना तिर्की, शिवांगी कुमारी और श्रुति कुमारी।
कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास ने विद्यार्थियों का सैमसंग जैसे प्रतिष्ठित कंपनी में चयन पर कहा कि अभी पिछले हफ्ते ही दक्षिण कोरिया का सफल दौरा संपूर्ण हुआ है और कई एमओयू किए गए हैं। उसी के तहत विभाग के विद्यार्थियों का चयन हर्ष का विषय है और यह विभाग के प्राध्यापकों की मेहनत को भी दिखाता है। विभागाध्यक्ष, प्रो. रबिंद्रनाथ सरमा ने भी विभाग के प्राध्यापकों की सराहना की और विद्यार्थियों को बधाई दी।
सैमसंग एसडीएस के बारे में विभाग के प्राध्यापक, शशि मिश्रा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सैमसंग एसडीएस कंपनी लिमिटेड (पूर्व में सैमसंग डेटा सिस्टम) सैमसंग समूह की सहायक कंपनी के रूप में 1985 में स्थापित हुई। यह कंपनी, परामर्श, तकनीकी और आउटसोर्सिंग सेवाओं सहित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं का प्रदाता है। एसडीएस उभरती आईटी तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और इंजीनियरिंग में आउटसोर्सिंग के अनुसंधान और विकास में भी सक्रिय है।
कंपनी 3,693 मिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ वैश्विक आईटी सेवा कंपनियों में 10वां सबसे मूल्यवान ब्रांड माना जाता है। यह कोरिया की एक मात्र कंपनी है, जो इस सूची में है। सैमसंग एसडीएस का मुख्यालय दक्षिण कोरिया में है और आठ अन्य विदेशी सहायक कंपनियां हैं, जिनमें से एक अमेरिका, एशिया-प्रशांत, चीन, यूरोप, लैटिन अमेरिका, मध्य पूर्व, भारत और वियतनाम में है।


















