रांची में महिला पर्यवेक्षिका पद के लिए सफल 33 अभ्यर्थियों की डिग्री जांच के घेरे में है। राधा गोविंद विवि की डिग्री में कई विसंगतियां मिलने पर UGC को पत्र भेजा गया है।
Ranchi News रांची: रांची में समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग में महिला पर्यवेक्षिका पद के लिए सफल 33 अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों की जांच जारी है। जांच के दौरान इन अभ्यर्थियों की स्नातक डिग्री से जुड़े कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। सभी अभ्यर्थियों ने राधा गोविंद विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
प्रमाण-पत्रों की जांच के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC को उचित कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। जांच समिति ने आशंका जताई है कि 33 अभ्यर्थियों को फीस रसीद, दैनिक उपस्थिति पंजी और आंतरिक मूल्यांकन जैसे बुनियादी शैक्षणिक रिकॉर्ड के अभाव में बैकडेटेड स्नातक डिग्रियां जारी की गई हों।
Ranchi News:महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा के बाद बनी थी जांच कमेटी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सफल अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की जांच के लिए उच्च शिक्षा विभाग से अनुरोध किया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई।
इस मामले का खुलासा सबसे पहले प्रभात खबर ने किया था। रिपोर्ट के मुताबिक चयनित 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की स्नातक डिग्री एक ही निजी विश्वविद्यालय से होने के साथ उनके सत्र और अंकों में भी एकरूपता सामने आई थी।
जांच अब केवल डिग्री तक सीमित नहीं है। समिति 33 अभ्यर्थियों के विश्वविद्यालय में नामांकन से लेकर परीक्षा में शामिल होने और डिग्री हासिल करने तक के पूरे रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
Key Highlights
- महिला पर्यवेक्षिका पद के लिए सफल 33 अभ्यर्थियों की डिग्री जांच के घेरे में।
- सभी अभ्यर्थियों ने राधा गोविंद विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की।
- फीस रसीद, उपस्थिति और आंतरिक मूल्यांकन के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में परेशानी।
- परीक्षा उपस्थिति शीट में ओवरराइटिंग और हस्ताक्षरों में विसंगति मिली।
- डिग्री की तारीख, 12वीं के बाद नामांकन अंतर और एक ही विश्वविद्यालय से चयन को लेकर सवाल।
Ranchi News:फीस रसीद और परीक्षा रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियां
जांच समिति के सामने विश्वविद्यालय प्रशासन को 33 अभ्यर्थियों से संबंधित फीस रसीद, दैनिक कक्षा उपस्थिति और आंतरिक मूल्यांकन जैसे रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में परेशानी हुई। इन बुनियादी दस्तावेजों की अनुपलब्धता को समिति ने गंभीरता से लिया है।
परीक्षा की उपस्थिति शीट में भी कई जगह ओवरराइटिंग मिलने की बात सामने आई है। एक मामले में 25 अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज बताई गई, जबकि संबंधित शीट पर सिर्फ 24 हस्ताक्षर मिले।
जांच में डिग्री और प्रोविजनल प्रमाण-पत्र की तारीखों को लेकर भी सवाल उठे हैं। अधिकांश अंतिम डिग्री प्रमाण-पत्रों पर जारी करने की तारीख 15 मई 2025 दर्ज है, जबकि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 9 मार्च 2025 को हुआ था। कुछ मामलों में प्रोविजनल प्रमाण-पत्र अंतिम डिग्री के बाद जारी होने का उल्लेख भी मिला है।
Ranchi News:12वीं के बाद नामांकन में 6 से 13 साल का अंतर
जांच समिति ने 33 अभ्यर्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड में एक और असामान्य पैटर्न दर्ज किया है। सभी अभ्यर्थियों के 12वीं की परीक्षा पास करने और विश्वविद्यालय में स्नातक के लिए नामांकन के बीच छह से 13 वर्ष का अंतर पाया गया है।
इसके अलावा अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले 33 सफल अभ्यर्थियों का एक ही निजी विश्वविद्यालय में एक ही तरह के पाठ्यक्रम में लगभग समान अवधि के दौरान नामांकन होना भी जांच के दायरे में है।
इन सभी तथ्यों को देखते हुए जांच समिति ने डिग्रियों की वास्तविकता और उन्हें जारी करने की प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जरूरत बताई है। अब उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से UGC को पत्र भेजे जाने के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर है।


















