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सरकारी अस्पताल अब स्मार्ट ! ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के मामले में टॉप पर बिहार

सरकारी अस्पताल अब स्मार्ट ! ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के मामले में टॉप पर बिहार

पटना : स्कैन एंड शेयर क्यूआर कोड प्रणाली से अस्पतालों में मरीजों का ऑनलाइन निबंधन कराने के मामले में बिहार को पहला स्थान मिला है। भव्या एप से कराए जाने वाले रजिस्ट्रेशन में राज्य को उपलब्धि दिलाने वाले अस्पतालों के डॉक्टर और दूसरे पदाधिकारियों का मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पटना के होटल पनाश कौटिल्य में आयोजित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) बिहार कॉन्क्लेव 2.0 विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में राज्यभर के डॉक्टर और अस्पतालों के पदाधिकारी शामिल हुए।

बिहार का स्वास्थ्य महकमा राष्ट्रीय मानचित्र पर तेजी से अपनी पहचान दर्ज करा रहा है- मंत्री

मंत्री ने कहा कि आचार्य चाणक्य और महान ज्योतिषविद एवं गणितज्ञ आर्यभट्ट की तर्ज पर आज बिहार का स्वास्थ्य महकमा राष्ट्रीय मानचित्र पर तेजी से अपनी पहचान दर्ज करा रहा है। यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं का नकल करने दूसरे राज्यों के प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं। यह बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि की बात है।

बिहार ने रच दिया स्वास्थ्य क्षेत्र में इतिहास

स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के 5 करोड़ 26 लाख टोकन उत्पन्न कर देशभर में बिहार को प्रथम स्थान दिलाने वाले अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों को बधाई दी। इस निबंधन प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए तैयार किए गए भव्या एप पर रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज की जांच, दवा और बीमारी विवरण से संबंधित इलाज की सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। यह पेपरलेस माध्यम पूरी तरह सुरक्षित है। इस एप पर उपलब्ध रहने वाली जानकारी भविष्य में अन्य किसी इलाज में भी काम आ सकती है। उन्होंने दवा की दुकानों और वहां उपलब्ध रहने वाली दवाओं की सूची भी एप पर अपलोड करने की बात कही। कहा कि अगर भविष्य में ऐसा किया जा सका तो मरीजों को दवा के लिए भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा और लोग दवा की उपलब्धता की जानकारी घर बैठे ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।

हर मामले में बढ़ रहा बिहार

स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यशाला में उपस्थित लोगों को बताया कि राज्य में 6 करोड़ 11 लाख आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट आईडी बनाई गई है। इसमें बिहार को चौथा स्थान मिला है। इसी तरह से 6 करोड़ 17 लाख लाभार्थियों का इलेक्ट्रानिक हेल्थ कार्ड रिकॉर्ड के मामले में बिहार को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य में सात हजार 835 सरकारी अस्पतालों का डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम योजना के तहत पंजीकरण हो चुका है। 37 करोड़ 60 लाख की प्रोत्साहन राशि का क्लेम किया गया है। यह देश में सर्वाधिक है।

विभागीय सचिव ने कहा PHC से जिला अस्पताल तक ABHA APP की सुविधा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक आभा एप की सुविधा लागू है। मरीज का एक आईडी होने से उसे इलाज में काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार को कई उपलब्धि मिली है। इसके लिए नीति बनाने के साथ इसके क्रियान्वयन में दिन-रात एक करने वाले लोगों का विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि अच्छे काम के लिए गर्वान्वित होते हुए कमियों को दूर करने की जरूरत है।

इस अवसर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से शशांक शेखर सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शहजानंद प्रसाद सिंह, विक्रम पगारिया, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, विशेष सचिव हिमांशु शर्मा समेत अन्य उपस्थिति रहे।

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