लखनऊ : प्रयागराज में गंगाजल आचमन और स्नान के लिए पूर्णतया शुद्ध, सीएम योगी का दावा। महाकुंभ 2025 की भव्य-दिव्य आयोजन की तैयारी में जुटी प्रदेश सरकार के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज में आए बदलावों का खुलकर जिक्र किया।
सीएम योगी ने कहा कि – ‘गंगाजल आचमन और स्नान के लिए पूर्णता शुद्ध है। वर्ष 2014 के पूर्व गंगा जी में बीओडी स्तर 22,000 से अधिक हुआ करता था, जो स्नान योग्य भी नहीं था। आज गंगाजल में बीओडी की मात्रा घटकर लगभग 250 से 300 के मध्य रह गई है। अब गंगाजल आचमन करने व स्नान योग्य है। गंगाजल अमृत है’।
प्रयागराज में अविरल – निर्मल गंगा पर योगी सरकार का फोकस
सीएम योगी आदित्यना ने इसी क्रम में आगे बताया कि – ‘आज गंगा जी में गांगेय डॉल्फिन देखी जा सकती हैं। सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गंगा जी में किसी भी प्रकार का सॉलिड व लिक्विड वेस्ट प्रवाहित न हो। इसके लिए कई एसटीपी बनाये गये हैं। श्रद्धालुओं को अविरल व निर्मल गंगाजी के दर्शन के लिए विभिन्न प्रयास किये गये हैं।
…विगत कुम्भ में 4 घाटों का निर्माण किया गया था और इस बार 9 पक्के स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। प्रयागराज महाकुम्भ 2025 में गंगा जी में पहली बार रिवर फ्रंट का निर्माण किया जा रहा है। पिछली बार 8 किलोमीटर तक अस्थाई घाटों का निर्माण किया गया था। इस बार 12 किलोमीटर तक अस्थाई घाटों का निर्माण किया जा रहा है।
…यह सभी कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ किये जा रहे हैं। प्रयागराज कुम्भ 2019 में 1 लाख 14 हजार अस्थायी शौचालयों का निर्माण कराया गया था, जिनमें नियमित रूप से साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था होती थी।
…प्रदेश सरकार का प्रयास जीरो लिक्विड डिस्चार्ज का है कि कोई भी सॉलिड व लिक्विड वेस्ट नदी में प्रवाहित न हो। महाकुम्भ प्रयागराज 2025 में प्रदेश सरकार द्वारा 1 लाख 50 हजार शौचालयों को बनाने की प्रक्रिया पूर्ण की गई है’।

महाकुंभ 2025 में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का है अनुमान….
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि – ‘प्रयागराज कुम्भ 2019 में श्रद्धालुओं की संख्या 23 से 24 करोड़ तक पहुंची थी और इस बार हमारा अनुमान है कि महाकुम्भ प्रयागराज 2025 में श्रद्धालुओं की यह संख्या बढ़कर 35 से 40 करोड़ तक हो जाएगी। 45 दिन में इतने श्रद्धालु व पर्यटक प्रयागराज आएंगे।
..केन्द्र व राज्य सरकार मिलकर इन श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए अनेक सुविधाएं विकसित कर रही हैं। सड़क, रेल, वायु सेवा की बेहतरीन कनेक्टिविटी के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहे हैं।
प्रयागराज में सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। प्रयागराज कुम्भ 2019 में 80 हजार पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए टेन्ट की व्यवस्था की गई थी, इस बार यह संख्या बढ़कर 1.60 लाख की गई है। महाकुम्भ में किसी प्रकार का कार्बन उत्सर्जन किसी भी स्तर पर ना हो, इसके लिए पर्याप्त व पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
40,700 एलईडी गत कुम्भ में लगायी गयी थीं। इस बार महाकुम्भ में लगभग 67,000 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स, 2000 सोलर हाइब्रिड स्ट्रीट लाइट्स और 2 नए विद्युत सब स्टेशन स्थापित किये गए हैं।
इसके साथ ही शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए 1,249 किलोमीटर की पेयजल पाइपलाइन और 200 वॉटर एटीएम के साथ-साथ 85 नलकूप भी मेला क्षेत्र में स्थापित करने की कार्यवाही युद्धस्तर पर चल रही है’।
महाकुम्भ प्रयागराज 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्थाई अस्पताल का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके अलावा सरकारी व निजी चिकित्सालयों की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित कराई गई है।

प्रयागराज महाकुंभ का महात्म्य भी सीएम योगी ने समझाया…
प्रयागराज महाकंभु का महात्म्य समझाते हुए सीएम योगी ने कहा कि – ‘भारत का कोई भी भागवत कथावाचक तब तक व्यास तीर्थ पर बैठने का अधिकारी नहीं होता, जब तक वह शुकतीर्थ में जाकर पहले भागवत का वचन न कर ले। भागवत पुराण से जुड़े लोग बड़े श्रद्धाभाव से यहां आते हैं और यहां पर आकर भागवत वाचन करते हैं। पहले शुकतीर्थ से गंगा जी की धारा बहती थी।
…प्रदेश सरकार ने भागीरथ जैसा प्रयास करके शुकतीर्थ में पुनः गंगा जी की धारा को लाने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश सरकार ने देश और दुनिया को दिव्य एवं भव्य प्रयागराज कुम्भ 2019 सफलतापूर्वक करके दिखाया। सुरक्षा का मॉडल कैसा होना चाहिए, यह प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्व और त्योहारों को शांतिपूर्वक ढंग से सम्पन्न करके दिखाया है।
…सुरक्षा के बेहतरीन वातावरण से उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट समाप्त हो गया है। देश में सर्वाधिक मोबाइल फोन का प्रोडक्शन उत्तर प्रदेश कर रहा है।
…उत्तर प्रदेश ऐसे अनेक क्षेत्रों में अपने कार्यों को बढ़ाते हुए अपनी यात्रा को शानदार तरीके से तय कर रहा है। इन्हीं कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए विरासत के प्रति सम्मान के भाव के साथ विकास में उत्तर प्रदेश दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है’।


















