नई दिल्ली: पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के सफल “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों को पूरी जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने बताया कि किस तरह से भारतीय सेना ने 25 मिनट तक लगातार मिसाइलें दागकर दुश्मन के एक-एक आतंकी अड्डे को निशाना बनाया और नष्ट कर दिया। इस सफल ऑपरेशन के लिए कैबिनेट के मंत्रियों ने तालियां बजाकर पीएम मोदी का अभिनंदन किया और सेना की तारीफ की।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के आरंभ में ही मंत्रियों ने प्रधानमंत्री की लीडरशिप को सराहते हुए बधाई दी। पीएम मोदी ने तीनों सेना प्रमुखों के योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की और बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर को रणनीतिक ढंग से अंजाम दिया गया। प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताया कि किन-किन कदमों के तहत आतंकी ढांचों को खत्म किया गया और किस प्रकार पाकिस्तान की सीमा के भीतर पंजाब प्रांत तक जाकर चार बड़े आतंकी अड्डों को ध्वस्त किया गया।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को यह भी बताया कि इस ऑपरेशन के लिए उन्हें किस तरह की खुफिया जानकारियां मिलीं और किस तरह सेना ने उच्च तकनीक और सटीक निशानेबाजी से दुश्मन के ढांचों को तबाह किया। कैबिनेट में मौजूद नए चेहरों जैसे चिराग पासवान, राममोहन नायडू और अन्य नए केंद्रीय मंत्रियों के लिए यह पहला अवसर था जब उन्होंने इतने बड़े सैन्य ऑपरेशन की बारीकियों को प्रधानमंत्री से प्रत्यक्ष रूप से सुना।
इस बीच सोशल मीडिया पर भी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर देशभक्ति से भरे मीम्स और संदेश वायरल हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, अभी “ऑपरेशन मेहंदी” और “ऑपरेशन हल्दी” जैसे और भी कड़े जवाब बाकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस करारी कार्रवाई के बाद अपने प्रोपेगेंडा वॉर में उलझा हुआ है और अब उसे अपनी किरकिरी से बचाव की कोशिश करनी पड़ रही है।
जनरल स्तर के रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय सेना ने जिन आतंकी अड्डों को नष्ट किया, वे पिछले 10-20 सालों से पाकिस्तान में पल-पुस रहे थे और अब नेस्तनाबूद कर दिए गए हैं। भारत की इस सैन्य कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया कि हमारी मिसाइलें कितनी दूर तक मार कर सकती हैं और दुश्मन की सीमा के भीतर घुसकर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम हैं।
कैबिनेट में प्रधानमंत्री मोदी को मिली इस सामूहिक सराहना ने यह संकेत भी दे दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में और ज्यादा आक्रामक रुख अपनाएगा।


















