ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने पीओके में 9 आतंकी ठिकाने तबाह कर लिया पहलगाम हमले का बदला

  • विदेश सचिव विक्रम मिसरी और सेना की दो महिला अधिकारियों कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता में इस कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी

नई दिल्ली: भारत सरकार ने मंगलवार को बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान के भीतर मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और सेना की दो महिला अधिकारियों कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता में इस कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी।

विदेश सचिव मिसरी ने कहा कि यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया है, जिसे उन्होंने 2008 के मुंबई हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला करार दिया। इसमें बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान गई थी। मिसरी ने स्पष्ट किया कि इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ था, जो पाकिस्तान से संचालित होता है। उन्होंने बताया कि इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फोर्स नामक संगठन ने ली थी, जो लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का ही हिस्सा है।

मिसरी ने कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस संगठन का नाम हटवाने की कोशिश की थी, जिससे उसका इन आतंकवादी समूहों के साथ संबंध स्पष्ट होता है। भारत सरकार ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान आतंकवाद का गढ़ बन चुका है और जब तक वह कार्रवाई नहीं करता, भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाता रहेगा।

इस अभियान की सैन्य जानकारी साझा करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि भारतीय सेना ने पीओके के कोटली अब्बास में एक बड़े आतंकी कैंप को निशाना बनाया, जहां करीब 1500 आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जाता था। इसके अलावा पाकिस्तानी पंजाब के बहावलपुर और महमूना जोया में स्थित ठिकानों पर भी सफलतापूर्वक हमले किए गए। सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य लाहौर के पास स्थित मुरीदके का मरकज तैयबा था, जिसे ध्वस्त कर दिया गया है। यही मुख्यालय 26/11 के आतंकी अजमल कसाब की ट्रेनिंग का केंद्र रहा था।

कर्नल कुरैशी ने जोर देकर कहा कि यह सटीक और लक्षित हमला था, जिसमें पाकिस्तान की सेना या आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। “हमने केवल आतंकियों और उनके ठिकानों को ही निशाना बनाया,” उन्होंने कहा।

विदेश सचिव ने यह भी बताया कि इससे पहले भारत ने 23 अप्रैल को सिंधु जल समझौते को रोकने समेत कई सख्त कदम उठाए थे, लेकिन पाकिस्तान ने आतंकियों पर कार्रवाई करने के बजाय भारत पर ही आरोप मढ़े। ऐसे में भारत ने यह जवाबी कार्रवाई करना जरूरी समझा।

ऑपरेशन सिंदूर को देश में आतंकवाद के खिलाफ अब तक की सबसे सुनियोजित और प्रभावशाली जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। देशभर में इस अभियान की सराहना हो रही है।

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