रांची: झारखंड के दिशोम गुरु और झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन की तबीयत शुक्रवार को एक बार फिर बिगड़ गई। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती 81 वर्षीय शिबू सोरेन की सेहत पर डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम लगातार नजर रख रही है। उनकी बिगड़ती हालत को लेकर पूरे झारखंड में चिंता का माहौल है। लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शिबू सोरेन को डायबिटीज, किडनी और हृदय संबंधी बीमारियों से पहले से ही जूझ रहे हैं। उन्हें ब्रेन स्ट्रोक और पैरालिसिस भी हुआ था, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी। हालांकि कुछ समय बाद उनकी हालत में सुधार देखा गया था। लेकिन बीते कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य फिर से अस्थिर होने लगा है। शुक्रवार को एक बार फिर उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।
शिबू सोरेन को बेहतर इलाज के लिए 19 जून को दिल्ली ले जाया गया था और तभी से वे अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी देखभाल के लिए न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात है। स्वास्थ्य की गंभीरता को देखते हुए विदेश के डॉक्टरों से भी परामर्श लिया जा रहा है।
इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो कि उनके पुत्र भी हैं, 24 जून से दिल्ली में ही रह रहे हैं। वह केवल विशेष सरकारी कार्यों के लिए ही रांची आ-जा रहे हैं। राष्ट्रपति के झारखंड दौरे और विधानसभा के मानसून सत्र के कारण वे 30 जुलाई को रांची लौटे थे। लेकिन शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होते ही वे पुनः दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
गुरुजी की स्थिति पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है। राजनीतिक, सामाजिक और आदिवासी समुदायों के बीच गहरी चिंता का माहौल है।
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