रांचीः हेमंत सोरेन अभी जमीन घोटाले मामले में न्यायिक हिरासत में हैं. झामुमो हेमंत सोरेन के खिलाफ चल रही कार्रवाई को केंद्र के इशारे पर की जा रही कार्रवाई बताकर गांव और कस्बों में न्याय मार्च निकाल रही है, लेकिन पार्टी के ही विधायक लोबिन हेंब्रम ने अपनी ही सरकार में राज्य के आदिवासियों और मूलवासियों के साथ हुए अन्याय को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अन्याय यात्रा निकालने की घोषणा कर दी है.
विधायक लोबिन हेंब्रम ने कहा कि सात मार्च को साहिबगंज के भोगनाडीह से अन्याय यात्रा की शुरुआत होगी. उन्होंने कहा कि अन्याय यात्रा के माध्यम से राज्यभर के लोगों को यह बताया जाएगा कि कैसे हेमंत सोरेन की सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है.
पुराने विधानसभा स्थित अपने आवास पर बोरियो से झामुमो के विधायक लोबिन हेंब्रम ने अपने अन्याय यात्रा को उलगुलान की संज्ञा देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने जिस उम्मीद का झारखंड बनाने के सपना देखा था, वह आज भी अधूरा है.
लोबिन हेंब्रम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 22 फरवरी को सीएम आवास में केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान उन्होंने वर्तमान हालात के लिए जिम्मेवार कौन और संगठन सत्ता प्राप्ति के बाद शिथिल क्यों पड़ गया इस पर अपनी राय रखी,लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें बोलने से रोक दिया.
इसलिए वह बैठक के बीच से निकलकर घर चले गए थे. झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम ने कहा कि सत्ता प्राप्ति के बाद से चार वर्षों में संगठन नियमानुसार क्यों नहीं चल रहा है.
नियम कहता है कि पंचायत समिति ही झामुमो प्रखंड समिति का गठन करती है और फिर झामुमो की प्रखंड समिति जिला कमेटी बनाती है, लेकिन राज्य में झामुमो के सभी जिलाध्यक्ष नॉमिनेटेड क्यों हैं.
लोबिन हेंब्रम ने कहा कि लोकसभा में हमारी लड़ाई मजबूत भाजपा से है, लेकिन झामुमो कितना तैयार है इसके लिए यह बड़ा सवाल है.


















