JTET Crisis: झारखंड के 25 हजार शिक्षकों पर संकट, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र विवाद से अटके आवेदन

झारखंड में करीब 25 हजार शिक्षकों के जेटेट आवेदन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र की मान्यता और तकनीकी त्रुटियों के कारण अटके हैं। समय रहते समाधान नहीं हुआ तो नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है।


JTET Crisis राचीः झारखंड में करीब 25 हजार शिक्षकों के सामने जेटेट (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। शिक्षकों के प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और प्रशिक्षण डिग्री वर्तमान जेटेट नियमावली के अनुरूप नहीं माने जाने के कारण उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इससे हजारों शिक्षक असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं।

JTET Crisis:31 अगस्त 2028 तक JTET पास करना अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद झारखंड के लगभग 70 हजार शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक जेटेट उत्तीर्ण करना आवश्यक कर दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिक्षक जेटेट पास नहीं कर पाते हैं तो उनकी सेवा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया में आ रही बाधाओं ने शिक्षकों की चिंता और बढ़ा दी है।

JTET Crisis: झारखंड के 25 हजार शिक्षकों पर संकट, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र विवाद से अटके आवेदन
JTET Crisis: झारखंड के 25 हजार शिक्षकों पर संकट, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र विवाद से अटके आवेदन

Key Highlights

  • झारखंड के करीब 25 हजार शिक्षकों के जेटेट आवेदन स्वीकार नहीं हो रहे।

  • प्रशिक्षण डिग्री और प्रमाणपत्र की मान्यता को लेकर विवाद बना हुआ है।

  • जेटेट आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून निर्धारित की गई है।

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 31 अगस्त 2028 तक जेटेट पास करना अनिवार्य है।

  • समस्या का समाधान नहीं होने पर शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है।


JTET Crisis:प्रशिक्षण प्रमाणपत्र की मान्यता पर उलझा मामला

जानकारी के अनुसार, फिलहाल पूरा विवाद शिक्षकों के प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की मान्यता को लेकर है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने जेटेट के लिए आवेदन स्वीकार करने की अंतिम तिथि 20 जून तय की है। लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षकों के आवेदन तकनीकी कारणों और प्रमाणपत्र संबंधी विसंगतियों के कारण लंबित पड़े हुए हैं।

JTET Crisis:तकनीकी त्रुटियां और स्पष्ट दिशा-निर्देश की कमी

कई शिक्षकों के दस्तावेजों में तकनीकी त्रुटियां बताई जा रही हैं, जबकि कुछ मामलों में प्रशिक्षण की मान्यता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। वर्षों से विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे जेटेट परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह सकते हैं।

शिक्षकों और संबंधित संगठनों की मांग है कि सरकार, जैक और शिक्षा विभाग इस मामले में शीघ्र स्पष्ट निर्देश जारी करें, ताकि पात्र शिक्षकों के आवेदन स्वीकार किए जा सकें और उनके भविष्य पर मंडरा रहा संकट दूर हो सके।

 

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