
बिहार पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को दबोचा है जिसके कारनामे सुनकर अच्छे-अच्छों के होश उड़ जाएं। सचिवालय थाना पुलिस ने मुंगेर के रहने वाले बबन नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। यह बंदा कोई छोटा-मोटा चोर-उचक्का नहीं है, बल्कि केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के बड़े नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का नकली पीए बनकर घूम रहा था। सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस पिछले 5 साल से इसकी तलाश कर रही थी, और आखिरकार इसे इसके गांव मंजूरा से दबोच लिया गया।
फोन पर बोलता था— “माल तैयार रखो, तुम्हारी नौकरी पक्की है”
पुलिस की पूछताछ में बबन ने ठगी का जो तरीका बताया, वो बिल्कुल किसी फिल्म की तरह है। बबन का गेम प्लान बहुत सिंपल और सीधा था। वह बेरोजगार युवाओं और सीधे-साधे लोगों को अपना निशाना बनाता था।
वह फोन पर सामने वाले से इतनी धौंस और पूरे भरोसे के साथ बात करता था कि किसी को शक ही न हो। वह फोन मिलाते ही कहता था— “हेलो, मैं बबन बोल रहा हूँ… ललन सिंह का पीए! माल तैयार रखो, तुम्हारी सरकारी नौकरी पक्की करवा दी है।”
ललन सिंह का नाम सुनते ही लोग उसके झांसे में आ जाते थे। बबन लोगों को रेलवे, सचिवालय और अलग-अलग सरकारी विभागों में पक्की नौकरी लगवाने का लालच देता था। इसके अलावा, वह ठेकेदारों को सरकारी योजनाओं में बड़े-बड़े टेंडर दिलवाने का वादा भी करता था। इसी नौकरी और ठेकेदारी के नाम पर उसने सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए ऐंठ लिए।
आम जनता ही नहीं, बड़े-बड़े अफसरों को भी चमकाता था
बबन की हिम्मत इतनी बढ़ गई थी कि वह सिर्फ आम लोगों को ही नहीं ठग रहा था, बल्कि सरकारी दफ्तरों में बैठने वाले बड़े-बड़े अधिकारियों को भी अपने जाल में फंसाता था। वह सचिवालय और अन्य विभागों के अफसरों को फोन करके सीधे धमकी देता था।
वह खुद को ललन सिंह का पीए बताकर अफसरों पर दबाव बनाता था कि ‘फलां काम तुरंत हो जाना चाहिए, नहीं तो मंत्री जी से कहकर ट्रांसफर करवा दूंगा।’ मंत्री के नाम और ट्रांसफर के डर से कई अधिकारी भी उसके झांसे में आ जाते थे और उसका काम चुपचाप कर देते थे।
3 राज्यों में फैला था जाल: हत्या और लूट के मामले भी दर्ज
पुलिस की शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है, उसने सबको चौंका दिया है। बबन सिर्फ एक ठग नहीं है, बल्कि उसका बैकग्राउंड काफी खतरनाक रहा है। उसके खिलाफ सिर्फ बिहार में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इन मामलों में शामिल हैं:
नौकरी के नाम पर फ्रॉड और जालसाजी के दर्जन भर केस।
रंगदारी और आर्म्स एक्ट
झारखंड और बंगाल के कुछ इलाकों में लूटपाट और हत्या जैसे संगीन जुर्म।
5 साल से पुलिस की आँखों में झोंक रहा था धूल
साल 2019 में पटना के कोतवाली थाने में बबन के खिलाफ ठगी का एक बड़ा मामला दर्ज हुआ था। उस समय जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, तो बबन फरार हो गया। इसके बाद से वह लगातार अपनी लोकेशन बदल-बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
बिहार पुलिस पिछले 5 सालों से इसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही थी। आखिरकार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह मुंगेर के टेटिया बंबर इलाके में अपने गांव आया हुआ है। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और मंजूरा गांव से उसे धर दबोचा।
अब आगे क्या करेगी पुलिस?
सचिवालय थाना पुलिस बबन को रिमांड पर लेकर अब कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस मुख्य रूप से तीन बातों का पता लगाने में जुटी है:
बबन ने अब तक कुल कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है और उनसे कितने पैसे लूटे हैं?
उसने किन-किन सरकारी अधिकारियों को फोन करके धमकाया और उनसे क्या-क्या अवैध काम करवाए?
सबसे जरूरी बात, क्या सचिवालय के अंदर का ही कोई व्यक्ति बबन की मदद कर रहा था? क्योंकि बिना अंदरूनी जानकारी के कोई भी व्यक्ति इतने सालों तक मंत्रियों के नाम पर इतना बड़ा फ्रॉड नहीं चला सकता।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के नाम का गलत इस्तेमाल करने का यह मामला अब पटना के सियासी गलियारों में खूब चर्चा बटोर रहा है। पुलिस बबन के मोबाइल की कॉल डिटेल्स निकाल रही है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस मामले की अधिक जानकारी और पटना पुलिस के अन्य बड़े एक्शन देखने के लिए आप https://bihar.gov.in पर जा सकते हैं।
Highlights

















