बर्मिंघम : कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने इतिहास रच दिया.
उन्होंने भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया.
मीराबाई चानू ने कुल 201 किलो का वजन उठाया.
क्लीन एंड जर्क के पहले राउंड में उन्होंने 109 किलो भार उठाया.
इसके साथ ही उन्होंने गोल्ड मेडल जीत लिया. बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में
भारत का यह पहला गोल्ड और कुल तीसरा मेडल है.
इससे पहले भारत को संकेत सरगर ने सिल्वर और गुरुरात पुजारी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.

मीराबाई चानू ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड
इस प्रतियोगिता में भारत ने जहां गोल्ड मेडल पर कब्जा किया. वहीं सिल्वर मेडल मॉरिशस और ब्रॉन्ज मेडल कनाडा के नाम हुआ. बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू का यह दूसरा गोल्ड है. इससे पहले उन्होंने गोल्ड कोस्ट (2018) में भी सोना जीता था.

नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी
मीराबाई ने स्नैच राउंड में पहले प्रयास में 84 किग्रा भार उठाया. उन्होंने पहले प्रयास में ही आठ किलो की बढ़त बनाई. वहीं मीराबाई ने दूसरे प्रयास में 88 किलो का भार उठाया. इसके साथ ही उन्होंने अपने नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. दूसरे ही राउंड में मीराबाई ने गोल्ड मेडल पक्का कर लिया था.
तीसरे प्रयास में नहीं उठा पाईं 90 किलो ग्राम का वजन
भारत की शेरनी चानू ने अपने पहले प्रयास में 80 किलो वजन उठाने के साथ मुकाबले में उतरी. उन्होंने अपने पहले प्रयास में 84 उठाया, जबकि अन्य वेटलिफ्टर में मॉरीशस की मेरी ने हाईएक्सट 76 उठाया था. भारतीय वेटलिफ्टर चानू ने अपने दूसरे प्रयास में 88 किलो का भार उठाया. उन्होंने अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली और साथ ही अपनी बढ़त को 12 किलो तक पहुंचा दिया. हालांकि वह अपने तीसरे प्रयास में 90 किलो ग्राम का वजन नहीं उठा पाईं.

















