बिहार की बेटी ने एक दिन की मुखिया बन रचा इतिहास, अब मॉडल पंचायत बना गोढ़वा

Patna: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतीहारी प्रखंड अंतर्गत गोढ़वा पंचायत में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण और बालिका नेतृत्व का एक ऐतिहासिक उदाहरण देखने को मिला। गोढ़वा पंचायत के मुखिया राजू बैठा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिला सशक्तिकरण के विजन और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय एवं महिला शिक्षा के संकल्प को साकार करते हुए पंचायत की एक किशोरी को एक दिन का मुखिया बनाया। यह पहल न केवल पंचायत स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि अन्य पंचायतों और राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

लोकतांत्रिक तरीके से हुआ चयन:

एक दिन की मुखिया के चयन के लिए पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई गई। 25 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर गोढ़वा पंचायत में एक विशेष परीक्षा का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में पंचायत की कक्षा 6 से 9 तक पढ़ने वाली किशोरियों को शामिल किया गया। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों में से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं का चयन किया गया।

प्रतियोगिता के परिणाम:

  • प्रथम स्थान: अनुष्का कुमारी
  • द्वितीय स्थान: सुचिता
  • तृतीय स्थान: रागनी कुमारी

प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली अनुष्का कुमारी को 26 जनवरी 2026 के लिए एक दिन की मुखिया घोषित किया गया। वहीं द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा सभी प्रतिभागी किशोरियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य:

कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए गोढ़वा पंचायत के मुखिया राजू बैठा ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पंचायत क्षेत्र की बालिकाओं में शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, खेलकूद और नवाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही इस कार्यक्रम का मूल लक्ष्य है।

पंचायत भवन में बनेगा खेल केंद्र:

मुखिया राजू बैठा ने यह भी स्पष्ट किया कि “एक दिन की मुखिया” कार्यक्रम केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली पहल होगी। बालिकाओं में खेल भावना विकसित करने और उन्हें प्रखंड, जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के उद्देश्य से गोढ़वा पंचायत भवन में एक विशेष खेल केंद्र की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र पूरी तरह से बालिका सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित रहेगा।

नीतीश कुमार के सपनों का बिहार:

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में पंचायती राज व्यवस्था को वास्तविक अधिकार, संसाधन और सम्मान मिला है। महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, खेल और नेतृत्व विकास जैसे कार्यक्रम मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं। गोढ़वा पंचायत में आयोजित “एक दिन की मुखिया” कार्यक्रम इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब सरकार की नीतियां और जमीनी स्तर का नेतृत्व एक साथ काम करता है, तो पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाई नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन और विकास का केंद्र बन जाती हैं।

रिपोर्टः कुमार गौरव

 

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